महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली एक महिला ने 15 साल पहले अपना एबॉर्शन कराया था क्योंकि वह दूसरे बच्चे के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन अब उसने उसी बच्चे को जन्म दिया है।
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दरअसल, पिछले तीन सालों से महिला को लगातार उल्टियां कर रही थी। उसे लगातार पेट में दर्द रहता था। जितने भी डॉक्टरों ने उसने इलाज कराया सबने उसे पेनकिलर या गैस की समस्या से राहत दिलाने वाली दवाईयां दीं। मामला बिगड़ता जा रहा था...
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जब महिला नागपुर स्थित जुननकर सर्जिकल नर्सिंग होम इलाज कराने गई तो डॉक्टर्स चौंक गए। लैप्रोस्टोपिक सर्जन डॉ. नीलेश जुननकर ने महिला का सीटी स्कैन किया। डॉक्टर ने बताया, 'स्कैन के दौरान महिला की आंत में स्टोन जैसा कुछ दिखा। हमने लैप्रोस्कोपी की तो पता चला वह स्टोन नहीं बल्कि चार महीने का बच्चा है। वह बेहद दुर्लभ मामला था।'
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दो डॉक्टरों की टीम ने फौरन महिला का ऑपरेशन किया और दो घंटे की सर्जरी के बाद पूरी तरह से विकसित 'स्टोन बेबी' महिला के पेट से बाहर निकाला गया। 'स्टोन बेबी' को मेडिकल भाषा में लिथोपीडियन भी कहते हैं। पिछले 400 सालों में सिर्फ 300 मामले ऐसे सामने आए हैं।
डॉक्टर ने बताया कि 15 साल पहले महिला ने जब एबॉर्शन कराया तो उसका गर्भ तो साफ हो गया लेकिन वह उसकी आंत में फंस गया था। उन्होंने बताया कि 11 हजार मामलों में ऐसा सिर्फ एक बार होता है। महिला अब स्वस्थ है और अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुकी हैं।
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