चींटी और पहाड़ वाली कहावत तो सुनी ही होगी... ये कहानी भी कुछ ऐसी ही मिसाल पेश करती है। जी हां, यह सात साल के एक बच्चे की कहानी है जिसने अपने कारनामे से इतिहास रच दिया। जी हां, इसके बारे में जानकर आपको हैरानी तो होगी ही साथ ही फक्र भी होगा।
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africa mount kilimanjaro
7 साल के इस बच्चे ने वो असाधारण कार्य कर दिखाया है जो बड़े-बड़े सूरमाओं के भी बस की बात नहीं रहती। हैदराबाद के रहनेवाले इस सात वर्षीय बालक ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल की है। इसका नाम समन्यु पोथुराजु है। एक रिपोर्ट की मानें तो पोथुराजु ने अफ्रीका के माउंट किलिमंजारो पर चढ़ाई कर तिरंगा फहराया है। पोथुराजु ने साबित कर दिया कि अगर छोटी सी उम्र में भी हौसलों की उड़ान बुलंद हो तो, बड़ी सी बड़ी मुश्किलों की राह को भी आसानी से पार कर लिया जाता है।
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samanyu pothuraju
अफ्रीका के तंजानिया के माउंट किलिमंजारो ऐसा पर्वत है जहां ठंड की वजह से अच्छे-अच्छे घबरा जाएं, लेकिन सात वर्षीय पोथुराजु ने ऐसी कठिनाइयों के बीच भी इस पर्वत पर अपनी जीत हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। दो अप्रैल को समन्यु पोथुराजु ने अपने कोच के साथ समुद्र तल से 5,895 मीटर ऊंचाई पर तिरंगा फहराया।
समन्यु अब अगले महीने ऑस्ट्रेलिया पीक की चढ़ाई करेंगे। यह सात वर्षीय बच्चा छोटी सी उम्र में ही बड़े कीर्तीमान स्थापित करने घर से निकला है। विश्व रिकॉर्ड बनाना ललक समुन्य में देखी जा सकती है। बता दें कि समन्यु अफ्रीका की इस चोटी पर जाने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही हैं।