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कभी यहां भड़के थे दंगे, तब से लेकर आज तक मुस्लिम इस अनोखे मंदिर की कर रहे हैं रखवाली

Fri, 21 Sep 2018 05:24 PM IST
फीचर डिस्क, अमर उजाला
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Hindu Temple
मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, इस वाक्य को सार्थक कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आने मुजफ्फरनगर जिले के लोग। शहर से एक किलोमीटर दूर एक हिंदू मंदिर है। दुनिया के तमाम मंदिर अपनी अलौकिकता या कलाकारी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मुजफ्फर नगर का यह मंदिर अनूठी संस्कृति के लिए जाना जाता है। जिस धरती पर हाल ही में हिंदू-मुस्लिम दंगों की रोटियां सेंकियां गईं। उसी धरती पर मंदिर की आरती मुस्लिम परिवार के लोग उतारते हैं। यहां सारे रिवाजों को मुस्लिम वर्ग के लोग ही निभाते हैं।

 
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shiv temple
इस मंदिर का निर्माण 1970 के आस पास किया गया था। 1990 तक हिंदू ही इस मंदिर की देखभाल करते थे लेकिन बाबरी विवाद के बाद से सब बदल गया। कहते हैं कि बाबरी के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में जो दंगे हुए इसका असर यहां भी देखने को मिला। यहां रहने वाले हिंदू परिवार, इलाके को छोड़कर चले गए। तब से मुस्लिम परिवार ही इस मंदिर की देखभाल करते हैं।
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Hindu Temple
पिछले 26 सालों से मुस्लिम परिवार के लोग ही इस मंदिर की हिफाजत कर रहे हैं। इलाके में रहने वाले लोग ही इसका सारा काम करते हैं। हर रोज इस मंदिर की सफाई की जाती है। हर साल दीवाली के मौके पर मंदिर की रंगाई और पुताई का काम होता है। इतना ही नहीं इस मंदिर के जमीन पर कई बार दबंगों ने कब्जा करने का फैसला किया लेकिन इलाके में रहने वाले मुस्लिम परिवारों ने ऐसा होने से बचा लिया।

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Hindu Temple
इस इलाके में कुछ 35 मुस्लिम परिवार रहते हैं। उनका कहना है कि बाबरी कांड से पहले हमारी दोस्ती अच्छी थी। दंगों के बाद ही परिस्थितियां बदली। परिवारों का कहना है कि जो हिंदू इस जगह को छोड़कर गए हैं वह एक दिन जरूर लौटेंगे।
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Hindu Temple
लोगों ने बताया कि मुजफ्फर नगर में सांप्रदायिक दंगे हुए तो हमने इस बात का ख्याल रखा कि मंदिर पर किसी भी प्रकार की आंच न आए। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसी मुजफ्फरनगर के ही ननहेदा गांव में 59 साल के हिंदू राजमिस्त्री एक 120 साल पुराने मस्जिद की देखभाल करते हैं।
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