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गैंगमैन से लेकर स्टेशन मास्टर तक यहां सब लेडीज, नहीं देखे होंगे ऐसे रेलवे स्टेशन

Tue, 13 Mar 2018 09:09 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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क्या आप जानते हैं हमारे देश में 5 ऐसे रेलवे स्टेशन भी हैं जिन्हें सिर्फ महिलाएं चलाती हैं। जी हां, आज तक आपने वूमेन स्पेशल बस, वूमेन स्पेशल ऑटो, ट्रेन कोच इत्यादि के बारे में ही सुना होगा, आज वूमेन स्पेशल रेलवे स्टेशन के बारे में भी जान लो...
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माटुंगा रेलवे स्टेशन
भारतीय रेलवे में पहला स्टेशन जिसे महिलाएं चलाती हैं। बता दें यह मुंबई उपनगर में स्थित है। यहां स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टिकट चेकर और रिजर्वेशन क्लर्क तक सभी काम महिलाओं द्वारा किया जाता है। एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो भारतीय रेल के कुल 13 लाख कर्मचारियों में से 1 लाख केवल महिलाएं हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें मध्य रेलवे के अन्तर्गत आने वाला यह स्टेशन सभी महिला कर्मचारी को लेकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड्स रिकार्ड्स 2018 में भी दर्ज किया गया है। इस स्टेशन को जुलाई 2017 में महिलाओं को सौंप दिया गया था। इसी के 6 महीने बाद इसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड्स रिकार्ड्स में दर्ज किया गया। कुल 41 महिलाओं स्टाफ के साथ यह स्टेशन चल रहा है। स्टेशन मास्टर ममता कुलकर्णी इस स्टेशन को चला रही है। यहां की महिला स्टाफ के लिए सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण
रात में ड्यूटी करना होता है।
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गांधी नगर रेलवे स्टेशन
अब नंबर आता है जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन का। यह देश का दूसरा वूमेन स्पेशल रेलवे स्टेशन है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह सबसे पहला रेलवे स्टेशन था, जहां केवल महिला कर्मियों की तैनाती की गई, जिसमें टिकट चेकर से लेकर स्टेशन मास्टर तक शामिल हैं।  

यह जयपुर के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है। यहां तकरीबन 7,000 यात्री रोजाना आते-जाते हैं। वर्किंग स्टाफ में यहां 40 महिला रेलवे कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें स्टेशन मास्टर के अलावा चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर, टिकट चेकर और रिजर्वेशन क्लर्क शामिल हैं। 


 

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अजनी रेलवे स्टेशन
महाराष्ट्र के नागपुर का अजनी रेलवे स्टेशन मध्य रेलवे के नागपुर खंड का हिस्सा है और महत्वपूर्ण दिल्ली-चेन्नई रूट का हिस्सा है।
यह देश का तीसरा वूमेन स्पेशल रेलवे स्टेशन है। जी हां, इसे भी केवल महिलाओं द्वारा चलाया जाता है।

अजनी नागपुर का सेटेलाइट स्टेशन है, जो इस स्टेशन पर रोजाना औसतन 6,000 यात्रियों की आवाजाही होती है। अजनी रेलवे स्टेशन पर कुल 22 महिला कर्मियों की तैनाती की गई है। फिलहाल इस स्टेशन को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि शहर के भीड़भाड़ भरे स्टेशनों के भार को कुछ कम किया जा सके।
 
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मणिनगर रेलवे स्टेशन
अहमदाबाद का मणिनगर रेलवे स्टेशन देश का चौथा वूमेन स्पेशल स्टेशन है जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जाता है। यह पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आता है। देश का पहला रेलवे स्टेशन जो केवल महिलाओं के द्वारा चलाया जाता है। इस स्टेशन पर 23 क्लर्क और तीन स्टेशन मास्टर और प्वाइंट्स पर्सन्स व 10 रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की तैनाती की गई है। कुल मिलाकर यहां 36 महिलाओं का स्टाफ है। 
 
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चंद्रागिरी रेलवे स्टेशन
दक्षिण मध्य रेलवे अन्तर्गत आने वाला यह स्टेशन देश का पांचवां और आंध्र प्रदेश का पहला वूमेन रेलवे स्टेशन है। यह आंध्र प्रदेश में है। स्टेशन पर कुल 12 कर्मचारियों का स्टाफ नियुक्त किया गया है। इसमें स्टेशन मास्टर, बुकिंग क्लर्क, प्वाइंट्स मैन, सुरक्षा और सफाई कर्मी शामिल हैं। 
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