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10 साल जिस द्वार पर भीख मांगी, उसी को दान में दिए 2.5 लाख रुपये

Thu, 23 Nov 2017 09:19 AM IST
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
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MV Sitalakshmi
भीख मांगकर अपना गुजारा करने वाले लोग तो आपने खूब देखें होंगे लेकिन क्या कभी कोई ऐसा भिखारी देखा है, जो भीख में मिले पैसों को दान कर देता हो? मैसूर में एक ऐसी ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मंदिर के बाहर भीख मांगने वाली महिला ने उसी मंदिर को 2.5 लाख रुपए दान में दिए हैं। इस वजह से यह महिला चर्चा में आ गई है। 
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Prasanna Anjaneya Swamy Temple, Vontikoppal
महिला का नाम 'एमवी सीतालक्ष्मी' बताया जा रहा है। वह मैसूर के ही यदावागिरी रहने वाली हैं। सीतालक्ष्मी यदावागिरी में अपने भैया और भाभी के साथ रहती हैं लेकिन उन्हें दूसरे पर निर्भर रहना पसंद नहीं है। इसके लिए वह स्वयं काम घरों का काम करती थी लेकिन 10 साल पहले वह जब शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो गई तो उन्हें घरों का काम मिलना बंद हो गया। 
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demo
कामकाज में अक्षम होने के बाद उन्हें मजबूरी वश वोंटिकोप्पल में प्रसन्ना अंजनेय स्वामी मंदिर के बाहर भीख मांगने शुरू कर दिया। इस तरह सीतालक्ष्मी ने खूब सारे पैसे जमा कर लिए। इन पैसों से अपनी जरूरत का सामान लेकर वह बाकी बचे पैसों को मंदिर के ट्रस्ट को दान में देती है। ऐसा वह कई बार कर चुकी है। बताया जाता है कि अब तक वह ढाई लाख से ज्यादा रुपये समर्पित कर चुकी हैं। इस बार उन्होंने ट्रस्ट को 2.5 लाख रुपए दान दिए हैं। सभी यह जानकर हैरान रह गए कि एक भिखारी इतनी बड़ी राशी दान में दे सकता है। 

 

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MV Sitalakshmi
वहीं मंदिर के कर्मचारी और पुजारी सीतालक्ष्मी को खूब आशीष देते हैं। वे उनका पूरा ध्यान रखते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें सीतालक्ष्मी ने गणेश महोत्सव के दौरान भी करीब 30,000 रुपए दान किए थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सीतालक्ष्मी ने मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन के साथ बैंक जाकर 2 लाख रुपए मंदिर ट्रस्ट अकाउंट में जमा कराए हैं। 

 
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MV Sitalakshmi
इस संबंध में सीतालक्ष्मी का कहना है, मेरे लिए भगवान ही सबकुछ हैं इसलिए उनके भक्त जो भी कुछ मुझे देते थे मैं उसे मंदिर को समर्पित कर देती थी। मंदिर में मेरी अच्छी देखभाल भी की जाती है। मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन का कहना है कि वह कभी भक्तों से खुद से डिमांड नहीं करती हैं। भक्त अपनी इच्छानुसार जो भी देते हैं वह स्वीकार कर लेती हैं। 

 
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