क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सभी रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर 'समुद्र तल से ऊंचाई' क्यों लिखी होती है? वैसे तो दिखने में यह बहुत छोटी सी चीज है लेकिन ट्रेनों की संचालन में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है। हममें से अधिकतर लोगों ने ध्यान दिया होगा कि सभी रेलवे स्टेशनों पर उस स्टेशन के नाम का बोर्ड लगा रहता है। स्टेशन बड़ा हो या छोटा, हर जगह आपको एक पीले रंग का बोर्ड दिखाई देता है। इस बोर्ड पर रेलवे स्टेशन का नाम हिंदी, अंग्रेजी और कई बार उर्दू में लिखा दिख जाता है और स्टेशन के नाम के ठीक नीचे कुछ और भी लिखा रहता है। अगर आपने ध्यान दिया होगा तो आपको दिखा होगा कि इसी बोर्ड पर स्टेशन की समुद्र तल से ऊंचाई का भी उल्लेख रहता है।
क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सभी बोर्ड पर ऐसा क्यों लिखी होती है? वैसे तो दिखने में यह बहुत छोटी सी चीज है लेकिन ट्रेनों की संचालन में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि आखिर क्यों रेलवे स्टेशनों पर समुद्र तल से ऊंचाई बताना जरूरी है और यह जानकारी कैसे काम आती है।
विज्ञापन
2 of 5
स्टेशन बोर्ड
- फोटो : Adobe Stock
रेलवे ट्रैक को बनाने के दौरान यह ध्यान रखना होता है कि ट्रैक का ढलान बहुत ज्यादा न हो। समुद्र तल से ऊंचाई के आधार पर ही ट्रैक का ढलान तय किया जाता है। इससे ट्रेनों को आसानी से चलाने में मदद मिलती है और दुर्घटनाओं की आशंका कम होती है।
विज्ञापन
3 of 5
बोर्ड पर लिखा 'समुद्र तल से ऊंचाई'
- फोटो : X/ @INCIndia
अगर कोई ट्रेन ऊंचाई पर जा रही है तो इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह, जब कोई ट्रेन नीचे की ओर जा रही होती है तो इंजन को ब्रेक लगाने होते हैं। समुद्र तल से ऊंचाई की जानकारी से इंजन ड्राइवर को यह जानने में मदद मिलती है कि उसे इंजन को कितना चलाना है या कितना ब्रेक लगाना है।
4 of 5
'समुद्र तल की ऊंचाई' का प्रयोग
- फोटो : freepik
इसके अलावा 'समुद्र तल की ऊंचाई' की मदद से ट्रेन के ऊपर लगे बिजली के तारों को एक समान ऊंचाई देने में भी मदद मिलती है, ताकि बिजली के तार ट्रेन के तारों से हर समय सटे रहें। रेलवे स्टेशनों पर समुद्र तल से ऊंचाई लिखने का एक फायदा ये भी है।
क्या होता है 'समुद्र तल की ऊंचाई' का अर्थ?
- फोटो : Adobe Stock
समुद्र तल से ऊंचाई को मापने के लिए कई तरीके हैं। पहले के समय में त्रिकोणमितीय तरीकों से ऊंचाई मापी जाती थी। आजकल उपग्रहों की मदद से ऊंचाई मापी जाती है। जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) तकनीक का उपयोग करके किसी भी स्थान की समुद्र तल से ऊंचाई बहुत ही सटीकता से ज्ञात की जा सकती है।