असल में क्यों दिखता है समुद्र नीला?
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जब यह रोशनी समुद्र के पानी में प्रवेश करती है, तो पानी के अणु सबसे पहले लंबी तरंगदैर्ध्य वाले रंगों, जैसे लाल, नारंगी और पीले को सोख लेते हैं। ये रंग ज्यादा गहराई तक पहुंच ही नहीं पाते और जल्दी खत्म हो जाते हैं। इसके उलट, नीली और बैंगनी रोशनी की तरंगें छोटी होती हैं, इसलिए ये पानी के अंदर काफी दूर तक चली जाती हैं।
फिर ये नीली रोशनी पानी के अणुओं और छोटे कणों से टकराकर चारों ओर फैल जाती है, जिसे स्कैटरिंग कहा जाता है। यही बिखरी हुई नीली रोशनी हमारी आंखों तक पहुंचती है और हमें समुद्र नीला नजर आता है।