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Human life Span vs Animals: क्यों इंसानों की उम्र जानवरों से होती है ज्यादा? वैज्ञानिकों ने किया खुलासा

Mon, 18 Apr 2022 03:21 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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क्यों इंसानों की उम्र जानवरों से होती है ज्यादा? - फोटो : iStock
Human life Span vs Animals: इंसानों की औसत उम्र 70-80 साल होती है, लेकिन चूहे, कुत्ते, बिल्ली आदि जानवरों की मौत कुछ साल में ही हो जाती है। जानवरों और इंसानों के शरीर में क्या फर्क होता है कि कुछ जीव जल्दी बूढ़े होकर मर जाते हैं जबकि कई जीवों पर उम्र का असर धीरे-धीरे नजर आता है। अब वैज्ञानिकों ने दावा किया है उन्होंने इस सवाल का जवाब ढूंढ लिया है। वैज्ञानिकों ने इस रहस्य को सुलझाने के लिए स्तनपायी जीवों पर एक शोध किया है। ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने बताया है कि जीवों के डीएनए में उनकी उम्र का राज छिपा होता है। जितनी तेज रफ्तार से डीएनए में बदलाव होगा, कोई जीव उतना ही कम जिंदा रहेगा।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के वेलकम सेंगर इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों ने यह रिसर्च किया है। उन्होंने इंसानों के साथ कुत्ते, घोड़े, जिराफ, शेर, खरगोश, चूहे, बिल्ली जैसे 16 स्तनपायी जानवरों के डीएनए की स्टडी की है जिसमें यह नतीजा सामने आया है। 
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क्यों इंसानों की उम्र जानवरों से होती है ज्यादा? - फोटो : iStock
वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च के दौरान पाया कि डीएनए में जो म्यूटेशंस होता है उनकी संख्या लगभग इन सभी में एक जैसी होती है। इन सभी जीवों में पूरी जिंदगी में करीब 3200 बार डीएनए का म्यूटेशंस होता है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि जिस जीव में जल्दी-जल्दी म्यूटेशन होते हैं उनकी मौत उतनी जल्दी हो जाती है। 
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क्यों इंसानों की उम्र जानवरों से होती है ज्यादा? - फोटो : iStock
वैज्ञानिकों ने इस स्टडी में पाया कि एक चुहिया के डीएनए में साल में औसतन 800 बार बदलाव होते हैं जो चार साल से कम जिंदा रहती है। इसी तरह कुत्तों में करीब 249, शेर में 160, जिराफ में 99 और इंसानों में करीब 47 बार डीएनए में बदलाव होता है। इसके अनुसार इनकी औसत उम्र में अंतर नजर आता है।  

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क्यों इंसानों की उम्र जानवरों से होती है ज्यादा? - फोटो : iStock
रिसर्च करने वाली टीम में शामिल वैज्ञानिक डॉ. एलेक्स केगन ने एक मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर इंसानों के डीएनए में चुहिया के डीएनए में म्यूटेशन की रफ्तार से बदलाव होता, तो मनुष्यों के पूरे जीवन में डीएनए 50 हजार से अधिक बार म्यूटेट होता, लेकिन यह नहीं होता है। इंसानों में सिर्फ 47 बार पूरे जीवन में डीएनए म्यूटेट होता है। 
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क्यों इंसानों की उम्र जानवरों से होती है ज्यादा? - फोटो : iStock
डॉ कैगन ने बताया कि अलग-अलग उम्र होने के बावजूद स्तनधारियों में डीएनए का म्यूटेशन एक बराबर होता है। लेकिन यह क्यों हाता है इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। अब वैज्ञानिक 400 साल से ज्यादा जीने वाली ग्रीनलैंड शार्क जैसी मछलियों पर यह स्टडी करेंगे। माना जाता है कि ग्रीनलैंड शार्क दुनिया में सबसे ज्यादा जीने वाली रीढ़ वाला जीव है। 
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क्यों इंसानों की उम्र जानवरों से होती है ज्यादा? - फोटो : iStock

इस रिसर्च के जरिए वैज्ञानिक उम्र के रहस्य को जानना चाहते हैं। इसके साथ ही कैंसर का इलाज खोजना भी इसकी एक वजह है। ऐसा माना जाता है कि ज्यादा कोशिकाओं वाले जीव की उम्र ज्यादा होती है और उनमें कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। 
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क्यों इंसानों की उम्र जानवरों से होती है ज्यादा? - फोटो : iStock
डॉ. केगन का कहना है कि मैं यह सच नहीं मानता, क्योंकि व्हेल मछली में मनुष्यों के मुकाबले बहुत ज्यादा सेल्स होते हैं, लेकिन कैंसर इंसानों में ज्यादा होता है। म्यूटेशन में इस रहस्य का राज छिपा हो सकता है। म्यूटेशन की गति जितनी धीमी होगी, कैंसर का खतरा उतना कम होगा। 
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