Surya Grahan 2025: सितंबर का महीना खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए बेहद खास है। सितंबर में साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। इस दौरान चंद्रमा अपने परिक्रमा पथ पर चलते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है। यह अमावस्या के दिन होता है। सूर्य और पृथ्वी की सीध में स्थित होने की वजह से चंद्रमा सूर्य के डिस्क को पूर्ण या आंशिक रूप से ढंक लेता है, जिससे इसकी छाया पृथ्वी पर पड़ती है। जब चंद्रमा सूर्य की डिस्क को आंशिक रूप में ढकता है तो इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
क्यों लगता है सूर्य ग्रहण?
पृथ्वी के सबसे नजदीक का सितारा सूर्य अपने स्थान पर स्थित है और इसकी पृथ्वी चक्कर लगाती है। धरती की तरह चंद्रमा भी सूर्य की परिक्रमा करता है। हालांकि, चांद धरती की भी चक्कर लगाता है। कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य के प्रकाश को रोक देता है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है।