फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solar Storm: जानिए कब आया था सबसे बड़ा सौर तूफान, कई दिनों तक जलती रही धरती

Tue, 19 Jul 2022 01:03 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
जानिए कब आया था सबसे बड़ा सौर तूफान - फोटो : iStock
Solar Storm: धरती से जल्द ही सौर तूफान टकरा सकता है। सौर तूफान के दौरान सूर्य की सतह पर बड़े ब्लास्ट होते हैं जिसकी वजह से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन और तेज गर्मी पैदा होती है। अब इस बीच शोधकर्ता ने सूरज, सौर फ्लेयर्स और तूफाने के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शोधकर्ताओं ने दावा किया है उनको सबसे बड़े सौर तूफान के समय की जानकारी मिल गई है। उनका कहना है कि यह इतिहास का सबसे बड़ा सौर तूफान था जिसके प्रभाव से कई दिनों तक धरती जलती रही। इसके साथ ही कई जगहों पर आग भी लग गई थी। 

बेहद शक्तिशाली तूफान था

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सौर तूफान बेहद खतरनाक था जिसने सन् 1859 में घटी कैरिंगटन घटना (बड़ा सौर तूफान) के रिकाॅर्ड को तोड़ दिया है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सौर तूफान 774 और 775 CE (Common Era) के बीच आया था। माना जाता है कि कथित तौर पर कैरिंगटन घटना से 10 गुना ज्यादा शक्तिशाली था। 
विज्ञापन

2 of 5
जानिए कब आया था सबसे बड़ा सौर तूफान - फोटो : iStock

जानिए क्या थी कैरिंगटन घटना 

कैरिंगटन इवेंट एक बड़ा सौर तूफान था जो सितंबर 1859 की शुरुआत में आया था। कैरिंगटन इवेंट (Carrington Event) नाम की इस घटना से टेलीग्राफ सेवा पर बुरा प्रभाव पड़ा था। इस बड़े सौर तूफना को ही कैरिंगटन घटना कहा जाता है। 
विज्ञापन

3 of 5
जानिए कब आया था सबसे बड़ा सौर तूफान - फोटो : iStock
जानिए कैसे मिला सबूत 

वैज्ञानिकों ने 2012 से 774 सीई के सौर तूफान के सबूत को खोजा है। उन्होंने हाल ही में पेड़ के छल्ले का विश्लेषण किया जिससे इसके अस्तित्व के सबूत मिले। प्राचीन देवदार के पेड़ में हर साल नए छल्ले का निर्माण होता है। इसमें एक प्रकार का कार्बन पदचिह्न पाया जाता है। अगर सौर तूफान के दौरान इस तरह से कोई पेड़ बढ़ रहा है, तो कार्बन का एक आइसोटोप सी-14 के बढ़े स्तरों के साथ छल्ले का निर्माण होगा। शोधकर्ताओं ने एक पेड़ के डेटाबेस का इस्तेमाल किया है और बताया है कि  774 से 775 तक, कार्बन-14 सामग्री 12 फीसदी बढ़ गई थी और ऐसा एक बार में ही हो गया। 

4 of 5
जानिए कब आया था सबसे बड़ा सौर तूफान - फोटो : iStock
दुनियाभर के दूसरे पेड़ों में यही स्पाइक दिखा था जिससे पता चलता है कि कार्बन-14 स्पाइक एक वैश्विक घटना थी। डेटा से यह भी जानकारी मिलती है कि 774 में तीव्र सौर गतिविधि हुई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जानिए कब आया था सबसे बड़ा सौर तूफान - फोटो : iStock
क्या है सोलर फ्लेयर्स

नासा के मुताबिक, "सोलर फ्लेयर्स सनस्पॉट से जुड़ी चुंबकीय ऊर्जा के रिलीज होने से आने वाले विकिरण का एक तीव्र विस्फोट है। सोलर फ्लेयर्स हमारे सौर मंडल की सबसे बड़ी विस्फोटक घटनाएं हैं। इसे सूर्य पर उज्ज्वल क्षेत्रों के रूप में देखा जाता है और वे मिनटों से लेकर घंटों तक रह सकते हैं। सोलर फ्लेयर को कोरोनल मास इंजेक्शन (सीएमई) के रूप में भी जाना जाता है। सौर मंडल में ये फ्लेयर्स अबतक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट माने जाते हैं, इनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है। ये फ्लेयर्स मध्यम, मजबूत और तेज रोशनी वाले हो सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें