दुनिया की सबसे महंगी चीज की अगर बात हो तो आप कहेंगे हीरा, सोना या प्लेटिमन ही सबसे महंगे होते हैं। लेकिन अगर हम कहें कि आप गलत हैं तो शायद आपको भी झटका लगे। दरअसल, दुनिया की सबसे महंगी चीजों में हीरा, सोना या प्लेटिमन नहीं बल्कि कुछ और ही है। इसके बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना होगा...
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Antimeter
ये बात शायद आपके गले भी न उतरे कि इस चीज की महज एक ग्राम मात्रा खरीदने में जितना पैसा चाहिए, उतने पैसे में दुनिया के 100 छोटे-छोटे देश आसानी से खरीदे जा सकते हैं। जी हां, ये चीज वाकयी बहुत बेशकीमती है। दुनिया में सबसे महंगी इस चीज का नाम 'एंटीमेटर' यानी 'प्रति पदार्थ' है।
अंग्रेजी फिल्मों में आपने देखा होगा कि दुश्मन देश द्वारा किसी देश के एंटीमेटर को चुराने की कोशिश की जाती है। इसे किसी भी देश की सरकारें बेहद खुफिया ढंग से संभालकर रखती है। अब ये भी जान लें कि आखिर ये है क्या चीज...
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दरअसल, अंतरिक्ष यात्रा करने या दूसरे ग्रहों पर आने-जाने के लिए अंतरिक्ष यान में जो ईंधन डाला पड़ता है वो इसी एंटीमेटर की मदद से बनता है। जी हां एंटीमेटर यानी प्रतिपदार्थ पदार्थ का एक ऐसा प्रकार है जो प्रतिकणों जैसे पाजीट्रान, प्रति-प्रोटान, प्रति-न्युट्रान से मिलकर बनता है। ये प्रति-प्रोटान और प्रति- न्युट्रान प्रति क्वार्कों मे बने होते हैं। फिर इसे अंतरिक्ष यान में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा है। इतनी ज्यादा कि इस पदार्थ की महज 1 ग्राम मात्रा में दुनिया के 100 छोटे-छोटे देशों को आराम से खरीद सकते हैं। बाजार में 1 ग्राम प्रतिपदार्थ की कीमत 31 लाख 25 हजार करोड़ रुपए है। नासा ने भी इस बात की पुष्टि की है कि एंटीमेटर यानी प्रतिपदार्थ दुनिया का सबसे महंगा मैटीरियल बन चुका है। अगर आपने ये जान लिया कि एक मिलिग्राम प्रतिपदार्थ बनाने में कितना खर्च आता है तो आपको और अधिक हैरानी होगी।
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मीडिया रिपोर्टों की मानें तो 1 मिलिग्राम प्रतिपदार्थ बनाने में तकरीबन 160 करोड़ रुपये तक लग जाते हैं, जिस स्थान पर इसका उत्पादन किया जाता है वहां विश्व की सबसे अच्छी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था रखी जाती है। इतना ही नहीं नासा को इस चीज की हमेशा जरूरत रहती है और नासा के पास इसकी मात्रा कम होने के बावजूद जहां इसे रखा जाता है वहां अमेरिका की सबसे बेहतरीन सुरक्षा एजेंसी तैनात रहती है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी पर धरती की बात की जाए तो एंटीमेटर किसी काम का नहीं लेकिन अंतरिक्ष से जुड़े किसी भी काम के लिए एंटीमेटर बहुत बेशकीमती है। ये बात भी आप शायद ही जानते होंगे कि अंतरिक्ष में ब्लैक होल द्वारा तारों को दो हिस्सों में चीरने की घटना में एंटीमेटर उत्पन्न होता है।
सबसे पहले धरती पर इसको बनाने में तब कामयाबी मिली थी जब सर्न की प्रयोगशाला में इसका उत्पादन करने में सफलता मिली थी। मालूम हो इस लैब में ही गॉड पार्टिकल को ढूंढने की बात सामने आई थी।
बहरहाल, एंटीमेटर किसी भी लिहाज से धरती और अंतरिक्ष के लिए इतना बेशकीमती है कि कोई भी इसे पाने के लिए हर संभव रकम देने को तैयार हो जाएगा।