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World Toilet Day- टॉयलेट से ज्यादा यहां होती है गंदगी, पढ़िए टॉयलेट से जुडे़ ये मजेदार तथ्य

Mon, 19 Nov 2018 02:45 PM IST
फीचर टीम, अमर उजाला
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World Toilet Day - फोटो : medium.com
दोस्तो, टॉयलेट जाना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। आज पूरी दुनिया विश्व शौचालय दिवस मना रही है। विश्व शौचालय दिवस पर हम बता रहे हैं आपको टॉयलेट से जुड़े मजेदार तथ्य और टॉयलेट से जुड़े दर्दनाक तथ्य जो आपको काफी हैरान कर देंगे। वर्ष 2018 के लिए विश्व शौचालय दिवस का विषय  'When nature calls' है।

 
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- फोटो : instagram
हम अपनी जिंदगी के लगभग चार से छह महीने शौच करने में ही बिता देते हैं। ताइवान के एक होटल में टॉयलेट सीट जैसे बर्तनों में खाना परोसा जाता है।
 
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कम्प्यूटर की-बोर्ड पर बैक्टीरिया की मात्रा एक टॉयलेट सीट से दो सौ गुना ज्यादा होती है। इंग्लिश स्टाइल टॉयलेट को एक बार फ्लश करने से लगभग हम लोग छह लीटर पानी की खपत होती है। 

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- फोटो : wittyfeed
आपको जानकर हैरानी होगी कि एक औसत टेबल डेस्क पर टॉयलेट सीट से चार सौ गुना ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं और आपके मोबाइल फोन पर 18 गुना ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं।
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- फोटो : wittyfeed
दुनिया के सबसे पुराने टॉयलेट स्कॉटलैंड में मिले थे जो कि तकरीबन पांच हजार साल पुराने हैं। अगर आप टॉयलेट में अपना फोन ले जाते हैं तो आप टॉयलेट में ज्यादा समय बिताते हैं। 
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आपको यह जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में लोगों के पास शौचालयों से ज्यादा मोबाइल फोन हैं। यहां तक जिन लोगों के पास शौचालय की सुविधा नहीं है उनमें से भी 35 फीसदी लोगों के पास मोबाइल फोन है।
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शौचालयों की कमी के कारण पैदा होने वाली गंदगी, बीमारियों और मौतों के कारण भारत को हर साल लगभग 24,000 करोड़ रुपए का नुकसान होता है। 

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दुनिया में शौचालयों की कमी के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस की शुरुआत की गई। विश्व शौचालय संगठन एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था है जो दुनिया भर में स्वच्छता और शौचालय की स्थिति में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन की शुरुआत 2001 में हुई थी, अब इसकी संख्या 53 देशों से बढ़कर 151 हो गई है।
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भारत सरकार ने "निर्मल भारत अभियान" के अंतर्गत सन 2022 तक सभी को शौचालय उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन यह लक्ष्य हम हासिल कर पाते हैं या नहीं यह तो समय ही बतायगा।
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