फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ा रोचक है हैलोवीन डे का इतिहास, नहीं जानते होंगे ये बातें

Wed, 31 Oct 2018 06:24 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 8
- फोटो : social media
अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपीय देशों में मनाया जाने वाला हैलोवीन डे खास त्यौहार है। अक्टूबर महीने के आखिरी दिन मनाए जाने वाले इस त्यौहार में लोग घर को डरावने तरीके से सजाने के साथ-साथ 'हैलोवीन थीम ड्रेसेस' भी पहनते हैं। आयरलैंड और स्कॉटलैंड से इस त्यौहार की शुरुआत हुई थी। पश्चिम देशों के इस त्यौहार का ट्रेंड अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। हैलोवीन डे को आल हेलोस इवनिंग, आल हैलोवीन, आल होलोस ईव और आल सैंट्स ईव भी कहा जाता है। यह दिन सेल्टिक कैलेंडर का आखिरी दिन होता है। इसलिए सेल्टिक लोगों के बीच यह नए वर्ष की शुरूआत के रूप में मनाया जाता है। इस त्यौहार में लोग कई तरह के मेकअप व ड्रेस के साथ ‘भूत’ बनते हैं। आप भी जानिए 'हैलोवीन डे' आखिर मनाया क्यों जाता है और क्या है इसकी खास कहानी।
विज्ञापन

2 of 8
- फोटो : i Newspaper
दरअसल हैलोवीन की शुरुआत बहुत पहले ही हुई थी।आयरिश कथाओं के अनुसार किसानों की मान्यता थी कि बुरी आत्माएं धरती पर आकर उनकी फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में उन्हें भगाने के लिए वह खुद डरावना रूप अख्तियार कर लेते थे, मगर आधुनिक युग में यह एक मौज-मस्ती और छुट्टी मनाने का अच्छा तरीका बन गया है। यूरोप में सैल्टिक जाति के लोग मानते थे कि इस समय मृत लोगों की आत्माएं आकर संसारिक प्राणियों से साक्षात्कार करती हैं। वे सोचते थे कि उनके पुरखों की आत्मा धरती पर आएंगी, जिससे उनका फसल काटना आसान हो जाएगा। इसीलिए वे चुड़ैलें बनते और जानवरों के मौखटे, उनकी चमड़ी, उनके सिर पहनकर अलाव के आसपास नाचते -गाते थे। वे मानते थे कि कोई विशिष्ट सर्वोच्च प्राकृतिक शक्ति है।
विज्ञापन

3 of 8
- फोटो : social media
हैलोवीन डे पर इन्हीं आत्माओं से बचने और भगाने के लिए भूतों, राक्षसों, कंकालों और पिशाचों जैसे कपड़े पहने जाते हैं और जानवरों की हड्डियां जलाई जाती हैं। साथ ही इस दिन आग अलाव भी जलाते हैं। ये हैलोवीन की सबसे पुराने प्रतीकों में से एक हैं। इसमें कद्दू को काटकर एक चेहरे का आकार दिया जाता है और उसमें मोमब्बती जलाई जाती है। इससे कई बार डरावना चेहरा बनाकर लोगों को डराते भी हैं। बाद में इसे एक साथ दफना दिया जाता है। 

4 of 8
- फोटो : social media
इस दिन बच्चे कद्दू जैसे आकार का बैग लेकर लोगों के घर-घर जाते हैं और घर के मालिक से पूछते हैं कि ट्रिक या ट्रीट। इसके दौरान कुछ लोग भूत बनकर डराते हैं तो कुछ कैंडीज बांटकर खुशियां मनाते हैं। आयरिश लोक कथाओं के अनुसार हेलोवीन पर जैक ओ-लैंटर्न बनाने का रिवाज है। लोग खोखले कद्दू में आंख, नाक और मुंह बनाकर अंदर मोमबत्ती रखते हैं। इसके बाद इसे जमा कर दफना दिया जाता है। कई जगह लोग हैलोवीन डे पर कई तरह के खेल खेलते हैं। इस दिन सबसे ज्यादा खेले जाना वाला गेम डंकिंग या एप्पल बोबिंग है, जिसे स्कॉटलैंड में डूंकिंग कहा जाता है। इसमें सेब में एक टब या पानी के बड़े बेसिन में तैरते है और फिर प्रतिभागियों को अपने दातों से इसे निकालना होता है।
विज्ञापन

5 of 8
- फोटो : social media
अक्टूबर की आखिरी तारीख को अक्सर सोशल मीडिया पर भूतों और डरावनी आत्माओं की तरह दिखने वाले लोगों की तस्वीरें लोगों को डराते हुए दिख जाती हैं।आपको बता दें कि यूरोप में सेल्ट्स नाम के लोग रहते थे जो पूरे यूरोप में बसे थे। ये सभी सेल्टिक कैलेंडर के हिसाब से साल के अखिरी दिन को सेलीब्रेट करते हैं। लेकिन वक्त के साथ सेल्ट्स लोग सिर्फ आयरलैंड, वैल्स, स्कॉटलैंड और ब्रिटनी और कॉर्नवाल शहरों तक ही सीमित रह गए। ये त्यौहार सिल्टिक लोगों को सैम्हन से जुड़ा है। ये फसल के आखिरी दिन होता है और ठंड के मौसम की शुरुआत होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पूर्वजों और मरे हुए लोगों की आत्माएं धरती पर आती हैं। 
विज्ञापन

6 of 8
- फोटो : social media
इस अवसर पर 'ट्रिक-ओ-ट्रीटिंग' एक अमेरिकी जोड़ा है। यह सुझाव दिया जाता है कि यह इंग्लैंड में शुरुआती ऑल सोल्स डे परेड के लिए वापस आता है। इस दिन समृद्ध परिवार के मृत रिश्तेदारों के लिए गरीब लोग भोजन के लिए प्रार्थना करेंगे और प्रार्थना करने के बाद अपने वादे के मुताबिक उन्हें "आत्मा केक" नाम की पेस्ट्री देंगे। इस दिन जब कोई दरवाजा खोलता है, तो उन्हें एक इलाज प्रदान करने का विकल्प भी दिया जाता है या एक चाल का सामना करना पड़ता है। ट्रिक्स आमतौर पर हल्के दिल वाले होते हैं। हैलोवीन डे पर बर्मब्रैक, बॉनफायर टॉफी, कैंडी एप्पल,टॉफी एप्पल, कैंडू एप्पल, कैंडी कॉर्न, कैंडी कद्दू,मंकी नट्स, कैरामेल एपल्स, कैरामेल कॉर्न, कोलकैनन खास तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं।
विज्ञापन

7 of 8
- फोटो : social media
'हैलोवीन डे' का खुमार पश्चिमी देशों के साथ-साथ भारत पर भी चढ़ने लगा है। भारत में भी लोग मेकअप व ड्रेस के साथ 'भूत' बनकर इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं। जहां बच्चों के लिए यह चॉकलेट्स लेने का दिन है वहीं बड़ें लोग इस दिन पूर्वजों की आत्मा शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। 
विज्ञापन

8 of 8
- फोटो : social media
अमरीका का व्हाइट हाऊस भी हैलोवीन डे पर रंग में रंगा नजर आया।  अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाऊस  में पहला हैलोवीन आयोजित किया । हैलोवीन की पूर्व संध्या पर ट्रंप और उनकी पत्नी मेलेनिया ने करीब 6 हजार बच्चों व वयस्को के साथ ट्रिक और ट्रीट का गेम खेला। अमेरिका में हैलोवीन की शाम काली बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ माना जाता है। कुछ जगहों पर इस दिन और पूरे अक्टूबर में आप बिल्ली नहीं खरीद या अडॉप्ट कर सकते हैं क्योंकि बिल्लियां बेचने वाले को डर रहता है कि कहीं इस दिन बिल्ली की बली न दे दी जाए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें