फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

April Fool 2018: कैसे, कहां और कब हुई अप्रैल फूल-डे मनाने की शुरुआत, कहानी है काफी रोचक

Sun, 01 Apr 2018 11:58 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
april fool day history origin significance
हर साल 1 अप्रैल का दिन अप्रैल फूल दिवस के रूप में मनाया जाता है। दुनियाभर में इस दिन लोग एक दूसरे के साथ मजाक कर मूर्ख बनाते हैं, लेकिन कोई भी मजाक करने पर नाराज नहीं होता। क्या आपको मालूम है कि 1 अप्रैल को ही क्यों अप्रैल फूल डे मनाया जाता है? इस दिन के इतिहास के बारे में जानते हैं क्या आप? आईए आपको बताते हैं इस दिन से जुड़े दिलचस्प किस्से। 
विज्ञापन

2 of 5
april fool day history origin significance
ऐसा बताते हैं कि अप्रैल फूल डे की शुरुआत फ्रांस से हुई थी, लेकिन इसे दुनियाभर में मनाया जाता है। इस दिन पॉप ग्रेगरी 13 ने वर्ष 1582 में हर यूरोपियन देश को जूलियन कैलेंडर छोड़कर ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार चलने को कहा था। 
विज्ञापन

3 of 5
april fool day history origin significance
ग्रेगोरियन कैलेंडर में नया साल 1 अप्रैल नहीं बल्कि 1 जनवरी से शुरू होता है। इस बदलाव के बाद भी यूरोप में कई लोग पुराने जूलियन कैलेंडर के अनुसार ही नया साल मना रहे थे क्योंकि उन्हें शायद इस बात की जानकारी नहीं थी या फिर वे इसे अपनाना नहीं चाहते थे। 

4 of 5
april fool day history origin significance
जिन लोगों ने नया कैलेंडर अपनाया उन लोगों ने पुराने कैलेंडर के हिसाब से 1 अप्रैल को नया साल मना रहे दूसरे लोगों को मूर्ख कहना शुरू कर दिया था। धीरे धीरे इस दिन लोग एक-दूसरे को बेवकूफ बनाने लगे और धीरे-धीरे कर के इस प्रथा को दुनियाभर के देशों ने अपना लिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
april fool
एक और कहानी के मुताबिक 1 अप्रैल 1860 के दिन लंदन के हजारों लोगों के घरों में पोस्ट कार्ड भेजकर यह सूचना दी गई थी कि आज शाम को टॉवर ऑफ लंदन में सफेद गधों को स्नान कराया जाएगा। आप सभी देखने के लिए आ सकते हैं। जो भी देखने आए वह कार्ड जरुर लेकर आएं। लेकिन उन दिनों किन्हीं कारणों की वजह से टॉवर ऑफ लंदन बंद था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें