आखिरकार वैज्ञानिकों को इस बात का जवाब मिल ही गया कि इस धरती पर सबसे पहले कौन आया। वैज्ञानिकों ने एक नए खुलासे में दावा किया है कि इंसान धरती से नहीं हैं। बल्कि इनका कहना तो कुछ और ही है। जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल...
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Meteorite
वैज्ञानिकों का कहना है कि वे पैंसपर्मिया परिकल्पना को नकार नहीं सकते हैं। इस परिकल्पना के मुताबिक अंतरिक्ष से आई अंतरिक्ष धूल, उल्का पिंड या झुद्र ग्रह से धरती पर जीवाणु पहुंचे हैं। इन जीवाणुओं से ही धरती पर जीवन की शुरुआत हुई है। दरअसल, धरती पर बीस साल पहले गिरे दो पुरातन उल्का पिंड का हाल में वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया तो चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। इन उल्का पिंड में जीवन की शुरुआत के लिए जरूरी सभी चीजें मौजूद थीं। पानी भी था और जैविक तत्व भी।
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इस आधार पर विशेषज्ञों के उस दावे को बल मिला है, जिसमें कहा जाता है कि धरती पर जीवन की शुरुआत परग्रहीय संक्रमण से हुई और ब्रह्मांड में कई ऐसे ग्रह हैं, जहां एलियन मौजूद हैं। मानव की उत्पत्ति पर शोध करने वाले डॉक्टर एलिस सिल्वर ने अपनी किताब ‘ह्यूमन आर नाट केम फ्राम अर्थ’ में लिखा है कि मानवों को हजारों साल पहले एलियन धरती पर लेकर आए थे।
इंटरनेट पर इस किताब को लेकर खूब चर्चा हो रही है। डॉक्टर सिल्वर के मुताबिक मानव धरती की सबसे विकसित प्रजाति है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से वह यहां के वातावरण के ही अनुकूल नहीं है। सूर्य की किरणें उसे नुकसान पहुंचाती हैं, प्राकृतिक भोजन उसे पसंद नहीं है, उसे ढेरों गंभीर बीमारियां होती हैं। मनुष्य को पीठ दर्द की समस्या होती है क्योंकि उसका विकास कम गुरुत्वाकर्षण बल वाले ग्रह पर हुआ है।