फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये हैं दुनिया के 10 अजब-गजब स्कूल, कहीं सिखाई जाती है वेश्यावृत्ति तो कहीं परीक्षा का अता पता नहीं

Wed, 05 Sep 2018 01:48 PM IST
फिचर डेस्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 11
Weird School Around the world
पढ़ाई लिखाई एक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए मानसिक और शारीरिक रुप से एक बच्चे को तैयार किया जाता है। ताकि जब वह भागदौड़ वाली जिंदगी का हिस्सा बने तो रेस में तेजी से दौड़ सके। स्कूल सिर्फ सुबह उठकर, नहा-धोकर, टिफिन पैक करके और कंधे पर बस्ता टांगने भर का प्रोसेस नहीं है बल्कि इस पूरे चक्र के जरिए एक देश की नई पौध तैयार की जा रही होती है। शायद इसीलिए ज्यादातर देशों में बजट का बड़ा हिस्सा शिक्षा के नाम पर जाता है। 

शिक्षा की बात शिक्षकों के बिना अधूरी है। टीचर्स डे के मौके पर हमने भी उन स्कूलों की लिस्ट निकाली है जो अजब गजब हालातों में भी नई पीढ़ी को शिक्षित बनाने की जुगत में लगे हुए हैं। इन अजब गजब स्कूलों के बारे में जानें यहां। ये स्कूल न सिर्फ अजब गजब हैं बल्कि इनके नियम कायदे भी बिल्कुल अजब गजब है।   
विज्ञापन

2 of 11
Abo Elementary School
एबो एलिमेंट्री स्कूल 
 
इस स्कूल के बारे में जानने के बाद आपको ऐसा लगेगा कि न्यू मैक्सिका आर्टिस्टा के लोगों को पहले से पता था कि कोल्ड वार के दौरान वहां बमबारी होगी। शायद इसीलिए उन्होंने एक ऐसा स्कूल बनाया जो जमीन के ऊपर नहीं बल्कि नीचे चलता है। ये सिर्फ स्कूल नहीं बल्कि लोगों का आश्रय भी है। स्कूल में प्रवेश के लिए तीन रास्ते बने हैं। एक एक दरवाजे का भार 800 किलोग्राम है। मतलब अंदर बंद हो जाए तो बच्चे अकेले दरवाजा खोल भी न पाएं। 
विज्ञापन

3 of 11
grey school of wizardry
ग्रे स्कूल ऑफ विजार्डी
 
अगर आप इस स्कूल के बारे में सुनेंगे तो आप हैरान हो जाएंगे। ये स्कूल हैरी पॉटर के डंबल डोर जैसे दिखने वाले ग्रेल एवनहर्ट ने तैयार किया है। इस स्कूल की स्थापना साल 2004 में की गई थी। यहां ऑनलाइन पढ़ाई होती है। इसके अलावा यहां कुल 16 डिपार्टमेंट हैं जिसमें हैरी पॉटर की तरह काला जादू वाला विभाग भी है। 

4 of 11
Brooklyn Free School
ब्रूक लिन फ्री स्कूल 
 
इस स्कूल के बारे में जानने के बाद आपका दिल भी करेगा इसमें एडमिशन लेने का। इस स्कूल में न एग्जाम होता है, न रिजल्ट आता है, न अटेंडेंस का झंझट है और न ही होमवर्क का बवाल। यहां जिसका जो मन करे वो वह सब्जेक्ट पढ़ सकता है। यहां टीचरों को पढ़ाने के लिए बीएड डिग्रीधारी होने की भी जरूरत नहीं होती। इस स्कूल में टीचर ही नहीं होते हैं। छात्र ही टीचर होते हैं और उनक मॉनिटर कहा जाता है। 
विज्ञापन

5 of 11
trabajo ya school
ट्राबाजो या स्कूल 
 
स्पेन में बसा ये स्कूल अपने आप में पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। ये स्कूल वैश्यावृत्ति की बारिकियों के बारे में बताता है। इसके लिए लोग फीस देकर एडमिशन लेते हैं और इस स्कूल को स्पेन की सरकार से मान्यता भी मिली हुई है। 
विज्ञापन

6 of 11
hazelwood academy
हेजल वुड एकेडमी 
 
स्कॉटलेंड का ये स्कूल बड़ा ही दिलचस्प और अपने आप में अनूठा स्कूल है। यहां उन बच्चों को दुनियादारी सिखाई जाती है जो देख सुन नहीं सकते। इस स्कूल की दीवारों से लेकर जमीन तक में एक खास तरह की डिजाइन और वाइब्रेशन है। जहां ये बच्चे खुद ही अपना रास्ता तय करते हैं। स्कूल के सभी बच्चे अपना सारा काम खुद ही करते हैं। 
विज्ञापन

7 of 11
tinkering school
टिंकरिंग स्कूल 
 
इस स्कूल में बच्चों को किताबी ज्ञान नहीं दिया जाता है। बल्कि 6 साल के बच्चों से लेकर दसवीं में पढ़ने वालों तक के बच्चों को पढ़ाया जाता है कि कैसे जीवन में आने वाली मुसीबतों और समस्याओं को सुलझाया जाता है। यहां के टीचरों का मानना है कि अगर आपके पास व्यवाहरिक ज्ञान है तो आपको डिग्री की खास कोई जरूरत नहीं है। यहां छात्रों को पेन-पेंसिल नहीं बल्कि औजार दिए जाते हैं। 

8 of 11
elf school
एल्फ स्कूल
 
ये एल्फ स्कूल एक आइलैंड पर है। यहां एल्फों के बारे में बताया जाता है। कम ही लोगों को मालूम होगा कि एल्फ भी 6 प्रकार के होते हैं। यहां की स्कूल में किताबें, 5 घंटे की क्लासेज और एक हैबिटेट टूर भी शामिल है। 

9 of 11
Tent School port au prince
टेन्ट स्कूल 
 
साल 2010 में पोर्ट ओउ प्रिंस में आई तबाही ने सबकुछ तबाह करके रख दिया था। यूनिसेफ ने बच्चों की पढ़ाई जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने के लिए टेंट स्कूल शुरू किए थे। यूनिसेफ की ये कोशिश रंग भी लाई। 

10 of 11
Mobile School
मोबाइल स्कूल 
यहां छात्र नहीं बल्कि स्कूल बच्चों तक खुद चल कर आता है। कोलंबिया और अमेरिका में काफी मशहूर ये स्कूल स्पेन और ग्रीस में भी काफी पसंद किया जा रहा है। 
विज्ञापन

11 of 11
Barefoot School Rajasthan
बेयरफुट स्कूल 
 
राजस्थान के अजमेर के छोटे से गांव तिलोनिया में एक अनूठा स्कूल है, जिसे संजीत रॉय ने 1970 में गरीब लोगों के लिए तैयार किया था। गरीब पुरुष और महिलाओं के लिए बनाए गए इस स्कूल में लोगों को स्किल्ड बनाया जाता है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें