यह कैसे संभव है कि जिसे बचपन से एक लड़की समझा जाता रहा हो वह अचानक से लड़का बन जाए..? सुनकर आपको अटपटा तो जरूर लगा होगा। है न... लेकिन यह हकीकत है। यहां तक की खुद बच्चे के माता-पिता भी यही समझते रहे कि भगवान ने उन्हें बेटी दी है। लेकिन जन्म के चार साल बाद बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट से ये बात साबित हो गई है कि वह एक लड़की नहीं बल्कि एक लड़का है।
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यह हैरतअंगेज मामला महाराष्ट्र के मालेगांव में सामने आया है। जी हां, जिसे बचपन से अभी तक लड़की माना जा रहा था उसके गुणसूत्र प्रारूप से पता चला है कि वह असल में एक लड़का था। चार साल के अयमान मोहम्मद खान उर्फ अमन की मेडिकल रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई है।
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वहीं इससे पहले उसे एक लड़की माना जा रहा था। मेडिकल में इस बच्चे का गुणसूत्र पुरुष जैसे एक्सवाई निकला है। लेकिन माता-पिता के तर्क सुनकर डॉक्टर्स की टीम के लिए भी ये मामला बड़ा अजीबोगरीब हो गया है। इसलिए आगे की जांच के लिए परिवार अपने बच्चे को सेंट जार्ज अस्पताल लेकर आया है।
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बच्चे को गुरुवार को भर्ती करने की उम्मीद है। सभी कुछ योजना के अनुसार रहा तो यह बच्चा जननांग पुनर्निर्माण कराने वाला महाराष्ट्र में सबसे कम उम्र का मरीज होगा। इस बच्चे के पिता ट्रक ड्राइवर मोहम्मद खान ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'हम कई जांच करा चुके हैं और आगे की जांच के लिए बच्चे को अस्पताल लाए हैं।
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उसे भर्ती किया जाएगा और ऑपरेशन की तारीख दी जाएगी। वर्तमान में बच्चे को हार्मोन दबाने वाली दवाएं दी जा रही हैं। ये दवाएं पिछले एक महीने से दी जा रही हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने कहा कि अमन को गुरुवार को भर्ती किया जा सकता है।
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उसके गुणसूत्र प्रारूप की जांच की गई और निष्कर्ष निकला कि वह लड़का है। ललित की तरह ही उसका गुणसूत्र एक्सवाई पाया गया। सभी जरूरी जांच के बाद ऑपरेशन किया जाएगा। मिड डे में सबसे पहले अमन की हालत के बारे में खबर दी गई थी।
मालेगांव निवासी खान को अगस्त 2013 में दूसरी बेटी हुई थी। लेकिन तीन साल बाद ही परिवार को पता चला कि यह लड़की नहीं है। वास्तव में यह लड़का है जो अविकसित जननांग के साथ पैदा हुआ है। उसके माता-पिता यह नहीं समझ पा रहे थे कि इस बच्चे को क्या कहा जाए।