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सैलानियों के लिए स्वर्ग है यह देश: लोग घूमने नहीं, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आते हैं

Fri, 05 Oct 2018 10:33 AM IST
एरिन क्रेग, बीबीसी
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South Korea Jeju
आप कहीं सैर-सपाटे के लिए निकलें तो क्या वहां ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में वक्त जाया करना पसंद करेंगे? शायद नहीं। टूरिस्ट प्लेस पर कोई भी व्यक्ति समय बर्बाद क्यों करना चाहेगा, वो भी उमस भरे मौसम में, लंबी कतार में खड़े होकर पसीना पोंछते हुए।
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Jeju Island South Korea
मगर दक्षिण कोरिया के जेजू आइलैंड की बात निराली है। जेजू सैलानियों का स्वर्ग है। ज्वालामुखी विस्फोट से बना यह द्वीप कोरिया के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से करीब 100 मील दूर है। जेजू में सबसे ज्यादा चीनी सैलानी आते हैं। इस साल अब तक तीन लाख चीनी टूरिस्ट यहां पहुंच चुके हैं। जेजू के समुद्र तट चीनियों को बहुत पसंद हैं। यहां खरीदारी करना और जुआ खेलना भी उन्हें अच्छा लगता है। लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है यहां का ड्राइविंग लाइसेंस।
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Jeju Island South Korea
चीन के कई सैलानी तो सिर्फ यहां के ड्राइविंग लाइसेंस एग्जाम सेंटर आने के लिए टूर प्लान करते हैं। दिन में वे फॉर्म भरते हैं, लाइन में खड़े होते हैं और परीक्षा देते हैं। अगर वे पहली ही कोशिश में पास हो जाते हैं तो उनके पास बीच पर घूमने का समय भी बच जाता है। काम के हिसाब से छुट्टियां प्लान करना नया नहीं है। लोग कॉस्मेटिक सर्जरी कराने, बच्चे पैदा करने में होने वाली दिक्कतों का इलाज कराने, प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेने और यहां तक कि फुटबॉल मैच देखने के लिए भी धरती के एक छोर से दूसरे छोर तक चले जाते हैं।

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Jeju Island South Korea
दो तरह से फायदेमंद
 
कुछ शहर किसी एक चीज में विशेषज्ञता के लिए मशहूर हो जाते हैं। जैसे मेक्सिको का लॉस एल्गोडोन्स दांतों के इलाज के लिए मशहूर है और वियतनाम का होई एन ग्राहकों के नाप से कपड़े सिलने के लिए। जेजू में ड्राइविंग लाइसेंस वाला पर्यटन बहुत पुराना नहीं है। लेकिन यह तेजी से बढ रहा है। स्थानीय ड्राइवर्स लाइसेंस एग्जामिनेशन सेंटर के मुताबिक इस साल 2,172 चीनी नागरिकों को यहां से लाइसेंस मिले, यानि हर हफ्ते औसतन 62 लोगों को। 2010 में पूरे साल में सिर्फ 68 चीनी नागरिकों को लाइसेंस मिला था।
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ड्राइविंग लाइसेंस चाहने वाले चीनी नागरिकों के लिए दक्षिण कोरिया से लाइसेंस लेना दो तरह से फायदेमंद है- एक तो गुणवत्ता और दूसरे कम खर्च। चीन के बडे शहरों के ड्राइविंग स्कूल से लाइसेंस बनवाना जेजू आने के मुकाबले बहुत महंगा है। दूसरे, यहां आसानी से और फटाफट काम हो जाता है।

चीन की टूरिस्ट कंपनियां "दक्षिण कोरिया के हवाई" में लाइसेंस बनवाने के लिए 5 दिन का हॉली-डे पैकेज ऑफर करती हैं। ये पैकेज 8,800 युआन (1280 डॉलर) से शुरू होते हैं। इस खर्च में जेजू के सुंदर समुद्री तटों पर घूमना-फिरना भी हो जाता है।

 
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Jeju Island South Korea
परीक्षा देकर परमिट
 
होटल का खर्च, ड्राइविंग ट्रेनिंग, लोकल ट्रांसपोर्ट और परीक्षा की फीस सब कुछ इसमें शामिल होता है। बस खाने और हवाई किराये का पैसा अलग से देना होता है। भारत के हिसाब से यह महंगा लग सकता है, लेकिन बीजिंग में वीआईपी ड्राइविंग कोर्स का खर्च 15 हजार युआन (2,188 डॉलर) तक है और इस काम में महीनों लग जाते हैं।
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Jeju Island South Korea
कई देशों की तरह चीन भी दूसरे देशों के वैध लाइसेंस को मान्यता देता है और उसके आधार पर ड्राइविंग का लोकल परमिट जारी करता है। चीनी नागरिक जब जेजू से लाइसेंस लेकर आते हैं तो चीन में सिर्फ एक लिखित परीक्षा देकर परमिट हासिल कर सकते हैं। चीनी टूरिस्ट के कोरियाई लाइसेंस को वरीयता देने के पीछे एक और वजह है।

रोड टेस्ट पास करने में अपने दोस्त की मदद के लिए आए छात्र मिंक्वू ल्यू कहते हैं, "चीन में ड्राइविंग टेस्ट बहुत मुश्किल है। कोरिया में यह बहुत आसान है।"

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चीन और कोरिया दोनों देशों में मेडिकल टेस्ट होते हैं। दोनों ही देशों में लिखित परीक्षा, सिम्युलेटर टेस्ट और रोड टेस्ट होते हैं। कोरिया में यह परीक्षा बहुत आसान है, ऐसा भी नहीं है। दिसंबर 2016 में यहां टेस्ट में कई बदलाव किए गए थे, जिसके बाद सिम्युलेटर टेस्ट में पास होने वालों की संख्या 60 फीसदी तक गिर गई थी।

चीन का टेस्ट अब भी कोरिया के टेस्ट से मुश्किल है। चीन में होने वाली लिखित परीक्षा में 100 सवाल होते हैं, जबकि कोरिया में सिर्फ 40 सवाल होते हैं। परीक्षा पास करने के लिए चीन में 90 फीसदी अंक लाने जरूरी हैं, जबकि कोरिया में 60 फीसदी अंक लाने वाला भी पास हो जाता है। ब्रिटेन में 70 फीसदी अंक जरूरी हैं।

 

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4 घंटे की प्रैक्टिस

चीन में ड्राइविंग टेस्ट लेने वाले सेंटर कम हैं और आवेदक ज्यादा। इसलिए हर चरण को पार करने में कई हफ्ते लग जाते हैं। जो लोग परीक्षा के किसी चरण में एक से अधिक बार फेल कर जाते हैं, उनको पूरी परीक्षा नये सिरे से देनी होती है। चीन के विपरीत जेजू में कई बार एक ही दिन में ड्राइविंग टेस्ट के सभी चरण पूरे हो जाते हैं।

जेजू में पैकेज-टूर कंपनी चलाने वाली यिंगक्विन कुई ने स्थानीय ड्राइविंग एकेडमी से तालमेल कर रखा है। वे सैलानियों को 13 घंटे की अनिवार्य ड्राइविंग ट्रेनिंग दिलाती हैं। इसमें 4 घंटे का प्रैक्टिस कोर्स और 6 घंटे की रोड ड्राइविंग शामिल होती है।

 

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कुई का दावा है कि ट्रेनिंग के बाद बहुत कम लोग ही ऐसे होते हैं जो टेस्ट पास नहीं कर पाते, 100 में शायद कोई एक। जेजू के ड्राइवर लाइसेंस एग्जामिनेशन सेंटर के कर्मचारी बताते हैं कि लाइसेंस के लिए आवेदन से लेकर सर्टिफिकेट मिलने तक की पूरी प्रक्रिया औसत रूप से हफ्ते भर में पूरी हो जाती है। कभी-कभी यह काम सिर्फ दो दिनों में हो जाता है। दक्षिण कोरिया के ड्राइविंग लाइसेंस को हासिल करना ना सिर्फ आसान है, बल्कि यह ज्यादा कारगर भी है।

 

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1940 से 1960 के बीच संयुक्त राष्ट्र की कोशिशों से इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (IDP) की शुरुआत हुई थी। आईडीपी धारक दूसरे देशों में भी कार किराये पर ले सकते हैं और ड्राइव कर सकते हैं। चीन ने उन समझौतों पर दस्तखत नहीं किए थे, इसलिए चीनी लाइसेंस पर आईडीपी नहीं मिलती। दक्षिण कोरिया के लाइसेंस पर आईडीपी मिल जाती है। इसलिए देश-दुनिया घूमने-फिरने वालों के लिए उनका अधिक महत्व होता है।

 
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कुई कहती हैं, "मेरे ज्यादातर ग्राहक चीन के हैं जो दूसरे देशों में रहते हैं, विशेषकर ब्रिटेन और इटली में।" आईडीपी हासिल करके वे उन देशों में ड्राइविंग कर सकते हैं जहां वे रहते हैं। 150 दूसरे देशों में भी उनके पास ड्राइविंग का अधिकार होता है। भाषा भी एक कारक है। मिसाल के लिए, ब्रिटेन में होने वाले ड्राइविंग टेस्ट सिर्फ अंग्रेजी या वेल्श में लिए जाते हैं। जेजू में आवेदन और लिखित परीक्षा चीनी भाषा में भी दी जा सकती है। परीक्षा केंद्र के कर्मचारी भी जरूरी चीनी शब्दों से परिचित हैं।

दक्षिण कोरिया के दूसरे शहरों में भी अंग्रेजी में लिखित परीक्षा दी जा सकती है, जबकि आवेदन पत्र कई भाषाओं में उपलब्ध रहते हैं। लेकिन चीनी सैलानियों की भीड़ जेजू आइलैंड में ही जुटती है। वजह ये है कि मेनलैंड में आने के लिए वीजा जरूरी है, लेकिन जेजू में चीनी नागरिकों को वीजा की जरूरत नहीं पड़ती। जेजू की कुदरती खूबसूरती भी कम दिलकश नहीं है। सुंदर समुद्र तट पर घूमने का आनंद है और अगर लाइसेंस मिल गया तो कोरियाई बारबेक्यू का भी मजा लिया जा सकता है।
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