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यहां नई-नवेली दुल्हनों से कराया जाता है ऐसा काम, जानकर रह जाएंगे दंग 

Tue, 09 Jan 2018 10:23 AM IST
बिजार डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया में एक ऐसी जगह भी है जहां घर की बहू-बेटियों को ब्याह से अगले दिन ही ऐसे काम में झोंक दिया जाता है, जिसे जानकर आप स्तब्ध रह जाएंगे। मन ही मन आप सोचने को मजबूर हो जाएंगे कि क्या कोई अपने ही घर की बहू-बेटियों के साथ ऐसा करता है..? लेकिन यही इस स्टोरी की हकीकत है। 
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आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां ये परम्पराओं के नाम पर होता है। ये कहीं ओर की बात नहीं बल्कि भारत की राजधानी दिल्ली का हाल है। जी हां दिल्ली के इस इलाके में घर की बहू बेटियों को ही जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया जाता है। 

 
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दिल्ली में ऐसा काम होता है, यकीन नहीं हो रहा ना... मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली के नफजगढ़ स्थित प्रेमनगर बस्ती में एक ऐसा समुदाय है जो परंपरा के नाम पर अपने ही घर की बहुओं को जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल देता है। यह 'परना समुदाय' के नाम से जाना जाता है।  
 

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ये सिलसिला कई सालों से लगातार जारी है और आज भी जारी है। ताज्जुब इस बात पर होता है कि यहां 12 से 15 साल की उम्र में ही लड़कियों की शादी करा दी जाती है। उसके बाद इन लड़कियों को घर का काम संभालने के साथ ही गैर मर्दो के साथ भी सम्बन्ध बनाने पड़ते हैं।
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यह लड़कियां रात में घर का सारा काम निपटा कर जिस्मफरोशी के लिए निकल जाती है। जहां यह दूसरे मर्दों को संतुष्ट कर वापस अपने घर लौट आती है। इतना ही नहीं, अगर कोई लड़की इसे करने से मना कर देती है तो उसे प्रताड़ित किया जाता है।
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कहा ये भी जाता है कि इस समुदाय में लड़की पैदा होते ही उन्हें ट्रेनिंग के लिए दलालों को सौंप दिया जाता है। इस समुदाय के बारे में कई रिपोर्ट छप चुकीं है। इस समुदाय में शादी नहींं होती बल्कि जो भी लड़केवाला पक्ष सबसे ज्यादा पैसों की बोली लगाता है लड़की पक्ष उसे अपनी लड़की सौंप देता है।
 
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असल में ये शादी, शादी नहीं होती बल्कि सौदा होता है। ससुराल जाते हैं यहां लड़कियों के लिए खुद ससुराल वाले ग्राहक ढूंढने निकल पड़ते हैं। इस दलदल में फंसी कुछ महिलाएं पढ़ना लिखना चाहती हैं लेकिन इस जाल से कैसे निकला जाए यह समझ नहीं पाती। अफसोस की बात है कि इन तक किसी संगठन की आवाज भी नहीं पहुंच पाती। देश के नेता महिलाओं पर अत्याचार रोकने की बात कहते हैं लेकिन क्या इस सच से वे वाकिफ नहीं..? इनके बारे में तो जानकर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे देश अभी भी अाजाद नहीं हुआ है। 
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