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यहां एनकाउंटर के बाद पुलिस वसूल करती है शव की कीमत, जानकर रह जाएंगे दंग

Thu, 15 Mar 2018 09:01 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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यह कहानी है नायरोबी में मथारे की... यहां की पुलिस बड़ी बदनाम है। बदनाम इसलिए क्योंकि उनकी वर्दी बेकसूर लोगों के खून से सनी है। क्या गुजरती होगी उन परिवारों पर जब ये पुलिसवालें उन्हें दिखाई देते होंगे। आज कीनिया के इसी शहर की रूह कंपा देने वाली कहानियां हम आपके सामने रखेंगे।
    
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ये कहानी है नायरोबी में एक झुग्गी बस्ती की। जहां सारा वांगरी के 19 वर्षीय बेटे एलेक्स को पुलिस ने बहुत ही करीब से 10 गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। 18 नवंबर 2017 की सुबह 10.30 बजे एलेक्स को मारा गया था।

एलेक्स की मां और उसके पड़ोसियों ने बताया कि जब उसे मारा गया था तब वह अपने एक दोस्त के साथ घर आ रहा था। एक रिपोर्ट की मानें तो वांगरी ने कहा कि उस समय वह दूध लेने के लिए गई थी। उन्होंने देखा कि उनका बच्चा पड़ा हुआ है। उस वक्त वहीं मौजूद 6 पुलिस वालों ने उन्हें घर जाने को कहा।

 
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अगली सुबह जब वह मुर्दाघर गई तो उन्हें बेटे के शव के बदले 20 हजार शिलिंग (करीब 13 हजार रुपए) देने को कहा। उसने कहा कि वह जानती है कि उसके बेटे को किसने मारा है। महिला ने राशिद नामक एक अधेड़ पुलिस अधिकारी पर अपने बेटे की मौत का आरोप लगाया है। 

सारा वांगरी कहती है मैंने खुद अपनी आंखों से देखा है। वही हत्यारा है। उसने कई लोगों को मारा है। कोई नहीं जानता कि वह कहां से आता है और कहां रहता है, लेकिन इस बारे में सब एकमत हैं कि वह सादी वर्दी वाला पुलिस अधिकारी है।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक 2013 से 2015 के बीच मथारे में करीब ढाई लाख लोगों को पुलिस ने मार डाला, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में इनकी गिनती मात्र 803 मिलेगी। ऐसे फर्जी तरीके से आंकड़े तैयार किए जाते है।

असल में पुलिस जब किसी का एनकाउंटर करती है तो रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जाती। कभी-कभी तो पुलिस मरने वालों के परिजनों से गोली की कीमत तक वसूल लेती है।
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एक अन्य पीड़ित महिला एलिजाबेथ एनडिंडा की भी कहानी कुछ ऐसी ही है। जनवरी में उनके बेटे साइमन को पुलिस ने मार दिया था। पड़ोसियों के सहयोग से राशि एकत्रित कर वह बेटे का शव हासिल कर पाई थी। उसने कहा मेरा बेटा निर्दोष था। यदि वह चोर, डाकू या हत्यारा होता तो लोग कभी उसकी लाश लाने में मेरी मदद नहीं करते।

वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इन मौतों को उचित ठहराते हैं और कहते हैं राशिद सही काम कर रहा है। एक 32 वर्षीय कपड़ा व्यापारी मोजेज ने कहा कि यदि कोई मेरा फोन छीनता है तो वह इसी तरह की मौत के काबिल है। कुछ और लोगों के भी ऐेसे ही विचार हैं।
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