मकान का साइज बड़ा होता है तो मोहल्ले में इज्जत का साइज भी बड़ा हो जाता है। इज्जत देने का यह पैमाना शहरों के बढ़ते आकार और मकानों के छोटे होते साइज के साथ बदलता जाता है। मिसाल के तौर पर दिल्ली के 2 बीएचके मकान की वैल्यू, गांव के तीन तल्ला मकान से ज्यादा होती है। बड़े शहरों में लोग छोटे-छोटे घरों में एडजस्ट कर लेते हैं लेकिन ये ही लोग जब गांव में दूर तक फैली हुई खुली जमीन देखते हैं तो इसके एक टुकड़े के लिए सिर फुटव्वल कर लेते हैं।
दुनिया के सबसे महंगे शहर में भी कुछ ऐसा ही है, शहर इतना महंगा हो चुका है कि लोग वहां कब्र के आकार के घरों में रहने से भी गुरेज नहीं करते हैं। आइए दिखाते हैं आपको हॉन्ग कॉन्ग की ऐसी ही कुछ तस्वीरें जिन्हें देखने के बाद आपको छोटी कुटिया भी बड़ी लगने लगेगी।