sand art
जी हां, पुरी रथ यात्रा 14 जुलाई यानी शनिवार से शुरू हो गई है। पुरी हिंदुओं का एक पवित्र धाम है, जो चार धामों में शामिल है। विश्व प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने अपनी कला का उम्दा प्रदर्शन करते इस धार्मिक माहौल में पुरी बीच पर जाकर भगवान जगन्नाथ की सुंदर तस्वीर उकेरी है। आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि रथयात्रा में मंदिर से जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा के विग्रहों की तीन विशाल रथों पर सवारी निकलती है, जिनको श्रद्धालुओं के हजारों हजार हाथ खींच कर वहां से तीन किलोमीटर दूर रानी गुंडिचा के मंदिर तक पहुंचाते हैं।
रथयात्रा वहां पहुंचकर सात दिनों तक विश्राम के बाद भगवान जगन्नाथ की सवारी मंदिर लौटती है। रथयात्रा के इस अवसर पर बेहद भीड़ होती है। ऐसे में ये संभव नहीं हो पाता कि हरकोई भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पाए। दूसरा, जो लोग ओडिशा से बाहर रह रहे हैं उनके लिए भी ये संभव नहीं रहता। इसबार आपको जगन्नाथ भगवान के दर्शन करने हो तो एक बार सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक की कलाकृति जरूर देखनी चाहिए। इनके दर्शन तो हर आम आदमी आसानी से कर सकता है। पुरी के जगन्नाथ धाम को नीलांचल धाम, श्रीक्षेत्र, पुरुषोत्तम क्षेत्र, शंख क्षेत्र आदि से भी जाना जाता है।