इन दिनों सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही है जिनमें रेलवे ट्रैक पर बैठे बहुत से लोग नमाज पढ़ते दिखाई दे रहे हैं जबकि तस्वीर में उनके पीछे एक इंजन भी रुका खड़ा नजर आ रहा है। इस फोटो को लेकर इंटरनेट पर अलग-अलग कहानी बयान की जा रही हैं। किसी का दावा है कि यह फोटो मुजफ्फरपुर बिहार की है तो किसी का दावा है कि इस ट्रेन को रोक कर नमाज पढ़ने के चक्कर में कई बच्चे NEET की परीक्षा के लिए समय पर नहीं पहुंच सके।
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Namaz on railway track
- फोटो : Anindya Chattopadhyay
वैसे तस्वीर से ये बात तो साफ हो रही है कि ये कोई रेलवे स्टेशन है, लेकिन ये जगह कौन सी है और नमाज ट्रेन की पटरियों के बीच में क्यों पढ़ी जा रही है इसको लेकर जरूर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इस तस्वीर को लेकर यह भी दावा किया गया कि फोटो तमिलनाडु में किसी स्टेशन की है जहां ट्रेन को इसी नमाज की वजह से रोकना पड़ा और बच्चे परीक्षा के लिए नहीं पहुंच सके। जाहिर सी बात है कि एक ही तस्वीर की इतनी सारी कहानियां तो हो नहीं सकती।
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Namaz on railway track
- फोटो : Anindya Chattopadhyay
यह तस्वीर किसी एक ही जगह की रही होगी, लेकिन आपको जानकर ताज्जुब होगा कि यह तस्वीर सोशल मीडिया पर बताई जा रही इन दोनों जगहों से कोई ताल्लुक नहीं रखती। दरअसल, इस तस्वीर की सच्चाई कुछ और है जो आज हम आपको अपनी इस स्टोरी में बताएंगे। इस फोटो की सच्चाई जानने के लिए आपको भी ज्यादा खोजबीन की जरूरत नहीं है। जी हां, केवल आपको इसे गूगल पर 'Namaz on railway track' शब्द लिखकर टटोलना है। बस फिर सच साफ-साफ आपके सामने होगा। वैसे फोटो सर्च करने पर इसी जगह की कई और फोटो ही नहीं वीडियो भी सामने आ जाते हैं।
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Namaz on railway track
- फोटो : Anindya Chattopadhyay
इनमें से सही तस्वीर 23 जून 2017 की है जिसे टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर डाला गया था। बता दें इस फोटो को टाइम्स ऑफ इंडिया के फोटो जर्नलिस्ट अनिंद्या चट्टोपाध्याय ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शूट किया था। उनके द्वारा लिखे गए ब्लाग में इस फोटो के बारे में और जानकारी दी गई है। फोटो लेने वाले फोटोग्राफर ने खुद बताया है कि ये नई दिल्ली स्टेशन पर अलविदा की नमाज के दौरान ली गई फोटो है।
Namaz on railway track
- फोटो : Anindya Chattopadhyay
अनिंद्या चट्टोपाध्याय ने जिस जगह की ये फोटो ली है वो नई दिल्ली और सदर बाजार के बीच में है जिसका नाम है नबी करीम। वहां पर अच्छन मिंया की मस्जिद है। पहले इस मस्जिद में सिर्फ रेलवे कॉलोनी में रहने वाले रेलवे के स्टाफ ही नमाज पढ़ते थे लेकिन बाद में आसपास के लोग भी यहां आने लगे, जब लोगों की संख्या बढ़ी तो मस्जिद में जगह कम पड़ गई और लोग ट्रैक तक जाकर भी नमाज पढ़ने लगे। अगर अब आपके पास गलत सूचना के साथ यह तस्वीर व्हाट्स एप या मैसेंजर पर आए तो कृप्या कर इसे आगे शेयर करने से बचें।