वैसे तो हमारे भारत में ही कई ऐसे कुएं मिल जाएंगे जिनमें लोग मनोकामना-पूर्ति के लिए रुपए, पैसे और सोना-चांदी डालते हैं लेकिन आज हम आपको रोम (इटली) के ट्रेवी फाउंटेन (Trevi Fountain) के बारे में बता रहें हैं जिसमें लोग वापस रोम घूमने की अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए सिक्के डालते हैं और इनका कलेक्शन इतना होता है कि सुन कर आपका सिर चकरा जाएगा।
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ट्रेवी फाउंटेन
इसमें एक दिन में करीब 3000 यूरो के सिक्के डाले जाते हैं यानी कि 2,50,000 रुपए हर दिन या 9 करोड़ सालाना...सिर तो नहीं चकराया न, रूको भाई अभी स्टोरी और है। दिन में एक बार फाउंटेन को बंद करके सारे सिक्के निकाले जाते हैं। क्यों निकाले जाते हैं? अब ये भी सुन लीजिए..
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ट्रेवी फाउंटेन
ट्रेवी फाउंटेन में डाले गए सिक्के निकालकर स्थानीय गरीबों और बेघर लोगों कि भोजन व्यवस्था में लगाए जाते हैं....ये हुई न बात। कहानी अभी और भी बाकि है। चलिए इस फाउंटेन के बारे में बताते हैं..
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ट्रेवी फाउंटेन
ट्रेवी फाउंटेन रोम के ट्रेवी शहर में है। यह 85 फीट ऊंचा और 161 फीट चौड़ा है। यह दुनिया के सबसे खूबसूरत फाउंटेन में से एक है। इटेलियन आर्किटेक्ट निकोला साल्वी (Nikola Salvi) द्वारा इसे डिज़ाइन किया गया था और पिएत्रो ब्रैकी (Pietro Bracci) ने इसे बनाया था। इसके बनने का काम 1732 से शुरू होकर 1762 में खत्म हुआ था।
रोम आने वाला हर टूरिस्ट ट्रेवी फाउंटेन में आकर सिक्का डालता है और इसके पीछे इन सबका मानना है कि ऐसा करने से उन्हें रोम घूमने का दुबारा मौका मिलता है... यहां एक बार जाना नहीं हो रहा और लोग दोबारा जाने की मनोकामना कर रहें हैं, हद है यार। ट्रेवी फाउंटेन में सिक्का डालने का भी एक तरीका है, ऐसा नहीं होता कि बस सिक्का फेंका और निकल लिए...इसमें भी एक आर्ट है, एक कला है।
दरअसल इसके लिए आपको फाउंटेन कि तरफ पीठ करके खड़ा होना पड़ता है फिर सीधे हाथ यानी राइट हैंड में सिक्का लेकर उसे उलटे कंधे (Left Shoulder) के ऊपर ले जा के फेंकना पड़ता है.. एक बार फिर पढ़िए, समझ आ जाएगा। नहीं समझ आए तो किसी से पूछ लीजिएगा...