हो सकता है कि आपको ये जानकारी न हो कि 20 जुलाई को इतिहास में एक बड़ी घटना हुई थी। जी हां, इसी दिन इसांन का पैर सबसे पहले चंद्रमा पर पड़ा था। यह दावा किया था अमेरिकी एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने। इस बात को बीते 49 साल पूरे हो चुके हैं।
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जी हां, 20 जुलाई 1969 को इंसान ने पहली बार चंद्रमा पर कदम रखा। अपोलो-11 मिशन को लीड करते हुए एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने सबसे पहले चंद्रमा पर कदम रखने की हिम्मत जुुटाई। भले ही अमेरिका ने चंद्रमा पर इंसान पहुंचा देने का कारनामा किया हो, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बात पर आज भी कई लोगों को शक होता है। इनका कहना है कि नील कभी चंद्रमा पर उतरे ही नहीं।
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ये लोग आज भी मानने को तैयार नहीं है कि एयरोनॉटिकल इंजीनियर और अमेरिकी सैनिक पायलट नील आर्मस्ट्रांग ने ऐसा कोई भी महान काम किया था। कुछ तो ये तक कहते हैं कि आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर कभी कदम रखा ही नहीं। वह ऐसे कई तथ्य रखते हैं, जो आर्मस्ट्रॉन्ग को सिलसिलेवार गलत साबित करने का दावा करते हैं। इन बिंदुओं से आप भी अछूते होंगे।
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- फोटो : moon
दरअसल, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका रूस के पहली बार स्पेस में जाने से स्पेस प्रोग्राम में पिछड़ गया था। ऐसे में दुनिया के लिए NASA ने चांद पर जाने का नाटक रचा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये चांद पर जाने का सारा खेल फिल्म स्टूडियो में रचा गया था। उन्होंने मिशन से जुड़ी हुई कई तस्वीरों को ध्यान से देखने पर ऐसा कहा था।
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Neil Armstrong
दिखाई गई तस्वीरों में अमेरिकी झंडा हवा में उड़ता हुए दिखाई दे रहा है। जबकि एक्सपर्ट मानते हैं कि चंद्रमा पर जो वायुमंडल नहीं है इस कारण झंडा यूं लहरता हुआ नहीं दिखाई दे सकता। जब लोगों का ध्यान इन बिंदुओ पर पड़ा तो उनके दीमाग में भी यह चीजे आई।
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Neil Armstrong
सिर्फ इतना ही नहीं चांद पर नील आर्मस्ट्रॉन्ग के पैरो के निशान देखकर पहले लोगों को बेहद खुशी हुई थी। लेकिन चांद पर ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि चन्द्रयान जिसका वजन 4 टन था उसने चन्द्रमा पर कोई निशान नहीं छोड़े, तो फिर आर्मस्ट्रॉन्ग के पैरों के निशान कैसे बन गए..? यह सवाल एक्सपर्ट टीम ने उठाया।
एक तस्वीर ऐसी सामने आई जिसमें चांद से तारों का नजर नहीं आना बेहद चौंकाने वाली बात थी क्योंकि चांद पर कोई वायुमंडल नहीं है, लेकिन इस तस्वीर में तारे दिख ही नहीं रहे हैं। चौंकाने वाली बात ये भी है कि दुनिया के सबसे बड़े मिशन की मशीन के ब्लूप्रिंट्स आज तक किसी ने नहीं देखे। अमेरिका का कहना है कि वो किसी तरह से गायब हो गए। जिस वजह ये तस्वीरें इस मिशन की सच्चाई को बंया करती है।