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मौत के मुंह से होकर गुजरता है भगवान के घर का रास्ता, सप्ताह में एक दिन होती है पूजा

Tue, 13 Feb 2018 08:51 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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इस चर्च तक पहुंचने के लिए लोग मौत के मुंह से होकर गुजरते हैं। जी हां अगर आपको इस रास्ते चलना पड़ जाए तो सिट्टी-पिट्टी गुम समझो...





 
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दुनिया में लोग भगवान के दर्शन करने के लिए कहां-कहां चले जाते हैं। चाहे खतरनाक पहाड़ियों के बीच से गुजरना हो या फिर पानी के बीचो-बीच पहुंचना हो, लोगों ने कोई ऐसी जगह नहीं छोड़ी है जहां पर न गए हों।

लेकिन आज हम आपको एक भगवान के घर के ऐसे खतरनाक रास्ते के बारें में बताएंगे जिसके बारे में जानकर किसी की भी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाए... 

दरअसल, यह एक चर्च का रास्ता है जो बेहद खतरनाक जगह पर मौजूद है, लेकिन लोग मौत के मुंह से होकर भी उस जगह पर पहुंच जाते हैं।
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यह स्थान कोलंबिया में स्थित है। यहां एक नमक की खान के अंदर ऐसा चर्च है जो कि जमीन से 220 मीटर गहराई पर बना हुआ है। बताया जाता है कि ये चर्च 5वीं शताब्दी में बना था।

यहां पहुंचने के लिए इसी नमक की खान के खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है। बताया जाता है कि यहां पहुंचना किसी मौत के कुएं में पहुंचने के बराबर है। यहां कब किस पल क्या घटना बीत जाए कोई नहीं बता सकता।

आपकी जानकारी के लिए बता दें यहां केवल रविवार के दिन चर्च में पूजा की जाती है। इस पूजा में कितने लोग शामिल होते हैं ये जानकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएंगी।

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दरअसल, इस खतरनाक जगह के बारे में जानने के बावजूद यहां 3-4 हजार लोग शामिल होते हैं। इस चर्च में 14 पूजास्थल और खूबसूरती को बढ़ाने के लिए नमक की मूर्तियां बनाई गई है।

अंदर की गई एलईडी लाइटिंग यहां की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। जमीन के नीचे मौजूद इस चर्च में सभी भक्त 16 फीट ऊंचे क्रोस के सामने प्रार्थना करते हैं।

बताते हैं कि यह दुनिया का सबसे खास और गहराई में मौजूद चर्च है। यहां तक पहुंचने के लिए लोगों को बहुत सी खतरनाक गुफाओं से होकर गुजरना पड़ता है।
 
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इतना पुराना चर्च होते हुए भी यह लोगों की नजर से दूर था। बताते हैं कि 1950 में यह चर्च लोगों की नजर में आया और यहां आना-जाना शुरू हुआ, लेकिन कुछ सुरक्षा कारणों की वजह से लोगों को आने-जाने पर रोक लगा दी गई। 

इस चर्च के अंदर तक पहुंचने में कुल 30 मिनट का समय लगता है, लेकिन आप किसी गाईड की मदद लेंगे तो लगभग 2 घंटे का समय लगता है। सोच में पड़ गए न कि गाइड के होते हुए इतना समय कैसे लग सकता है। 

दरअसल, ये उस समय की बात है जब गाइड लोगों को चर्च संबंधी पूरी जानकारी देते हुए चर्च के इतिहास से रूबरू करवाते हुए उन्हें अंदर ले जाया करते थे। इसमें दो घंटे लग जाया करते थे। 
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