मूंछ नहीं तो कुछ नहीं... इन साहब के लिए तो ये कहावत पत्थर पर लकीर के समान हो गई। तभी तो इन्होंने 33 साल तक अपनी मूंछों को नहीं काटा। सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि आज इनकी मूंछ का साइज 22 फीट हो चुका है। जी हां, दो मंजिला मकान की छत पर खड़े होकर इनकी मूंछ को नीचे लटका दो तो ये रस्सी का काम भी कर देगी। मुझे याद आता है अमिताभ बच्चन की फिल्म का एक डायलॉग जिसमें वो कहते हैं ‘मूंछें हों तो नत्थूलाल जैसी’। लेकिन इस शख्स की मूंछ देखने के बाद आपके मुख से इनकी ही नाम निकलेगा। शायद आप देखते ही बोल उठे मूंछें हो तो गिरधर व्यास जैसी...
जी हां, गिरधर व्यास नामक इस शख्स की उम्र तकरीबन 58 साल है। बताना चाहेंगे कि रियल लाइफ में गिरधर व्यास की मूछें ‘नत्थूलाल’ से भी कई गुनी लंबी हैं। साल 1985 से गिरधर व्यास अपनी मूंछों को बढ़ा रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि उनकी मूछें शायद दुनिया में सबसे लंबी हैं। जानकारी के मुताबिक गिरधर व्यास की मूछें 22 फीट लंबी हैं और वो अपना नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना चाहते हैं।
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Girdhar Vyas
- फोटो : FACEBOOK
आप जानकर चौंक जाएंगे कि गिरधर को अपनी मूंछों को संवारने में तकरीबन तीन से चार घंटे का वक्त लगता है। वे रोजाना इतना वक्त लगाकर अपनी मूंछों को संवारते हैं। गिरधर व्यास राजस्थान के बीकानेर के रहने वाले हैं।अपनी मूंछों की लंबाई का राज खोलते हुए वो बताते हैं कि उन्होंने आज तक कभी भी उन पर साबुन या शैम्पू का इस्तेमाल नहीं किया है। इसलिए उनकी मूंछे एकदम सही सलामत है। गिरधर व्यास का कहना है कि वे इन मूंछों पर सिर्फ मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं।
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mustache
गिरधर व्यास कहते हैं कि उन्हें इन मूंछों को सही सलामत रखने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। वे हर रोज सुबह नींद से जागने के बाद अपनी मूंछों पर हाथ फेरते हैं। फिर उन्हें बिस्तर पर फैलाकर तकरीबन एक घंटे तक तेल की मालिश करते हैंं। केवल मालिश में ही हर रोज 2 घंटे लग जाते हैं। इसके बाद वे नींबू और काली मिर्च के पाउडर का इस्तेमाल इन मूंछों पर करते हैं। ऐसा गिरघर इसलिए करते हैं ताकि उनकी मूंछ मुलायम बनी रहे।
गिरधर व्यास को लोग उनकी मूंछों की वजह से पहचानते हैं और कई लोग तो कोई सेलिब्रिटी भी मानते हैं। बता दें गिरधर व्यास वन विभाग में तैनात हैं। उनके मुताबिक मूछों की वजह से घर निकलने से लेकर ऑफिस जाने तक हर कोई टकटकी लगाए रहता है। कभी-कभी लोग उन्हें देखकर हंसते भी हैं लेकिन इससे गिरधर व्यास का हौंसला नहीं टूट पाया।