सफर के दौरान ट्रेनों पर आपने कई अंक लिखे देखे होंगे। लेकिन क्या आपने सोचा है कि इन सीक्रेट डिजिट या कोडनुमा नंबरों के असल मायने क्या होते हैं। ट्रेन के हर डिब्बे पर इसी तरह से नंबर दिए जाते हैं। अगर आपने रेल से यात्रा की है तो जरूर आपकी नजर के सामने भी ऐसे नंबर जरूर आए होंगे। लेकिन क्या आपने ट्रेन के डिब्बे पर लिखे इन नंबरों का मतलब जानने की कोशिश की?
विज्ञापन
2 of 6
indian railway
संख्या एसी चेयर कार के लिए लिखी जाती है। 201 से 400 तक स्लीपर सेकेंड क्लास, 401 से 600 तक जनरल सेकेंड क्लास, 601 से 700 जन शताब्दी की चेयर कार, 701 से 800 सिटिंग एंड लगेजदरअसल, ये संख्या बताती है कि डिब्बे का निर्माण कब हुआ। यह संख्या चार से छह अंकों वाली होती है। इन अंकों से ही जानकारी मिलती है कि रेल का डिब्बा कौन सी श्रेणी का है और वह किस रेलवे जोन के तहत आता है।
विज्ञापन
3 of 6
indian railway
बोगी के बाहर लिखी संख्या के शुरुआती दो अंक दर्शाते हैं कि ट्रेन का डिब्बा किस साल में तैयार किया गया है। मसलन ट्रेन की बोगी के बाहर अगर 8439 लिखा हो, तो उसका मतलब है कि ट्रेन की वह बोगी साल 1984 में बनाई गई। वहीं, अगर ये संख्या 04052 हो, तो समझना चाहिए कि वह बोगी वर्ष 2004 में निर्मित की गई होगी।
4 of 6
indian railway
आगे के नंबर यह बताते हैं कि ट्रेन की बोगी किस प्रकार की है। जैसे- एसी, स्पेशल, स्लीपर और जनरल। पिछले तीन अंकों में 001-025 का इस्तेमाल एसी की फर्स्ट क्लास वाली बोगियों के लिए होता है। 025-050 तक का प्रयोग कंपोजिट फर्स्ट एसी और एसी 2 टियर की सीटों के लिए किया जाता है। 050-100 एसी 2 टियर वाली बोगियों पर लिखा जाता है। 101-150 एसी 3 टियर पर दिया जाता है। 151-200 के बीच की रैक में लिखा जाता है। इस प्रकार से रेल के डिब्बों पर ये अंक विशेष जानकारी के लिए लिखे जाते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
indian railway
कोचों की श्रेणी के लिए कोड्स-
CN: 3 टियर स्लीपर कोच
CW: 2 टियर स्लीपर कोच
CB: पैंट्री/किचेन कार/बफे कार
CL: किचेन कार
CR: स्टेट सलून
CT: टूरिस्ट कार (फर्स्ट क्लासः इसमें बाथरूम, किचेन और सिटिंग कंपार्टमेंट होते हैं)
CTS: टूरिस्ट कार (सेकेंड क्लासः इसमें भी बाथरूम, किचेन, बैठने और सोने के लिए कंपार्टमेंट होते हैं।)
D: डबल डेकर
AC: एसी
बोगी पर लिखे नंबरों की दाईं ओर डब्ल्यूसीआर (WCR) लिखा हो, तो समझें कि उस बोगी को पश्चिमी मध्य रेलवे को आवंटित किया गया है। ईआर (ER) का मतलब पूर्वी रेलवे से है। एनएफ (NF) का अर्थ उत्तरी सीमांत से है, जबकि एसआर (SR) से समझना चाहिए कि वह दक्षिण रेलवे के लिए आवंटित है। तो अब आपको भारतीय रेलवे से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई है और अगर यह आपको पंसद आई है तो इस आर्टिकल पर कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया हमें जरूर नोट कराएं।