रांची से टोरी जाने वाली पैसेंजर ट्रेन लोहरदगा के बाद ऐसे ही एक 'अनाम' रेलवे स्टेशन पर रुकती है जहां नाम को लेकर झगड़ा चल रहा है। यहां सिर्फ एक मिनट के इस ठहराव के दौरान दर्जनों लोग उतरते हैं। वे कमले, बड़कीचांपी, छोटकीचांपी, सुकुमार आदि गांवों के रहने वाले हैं। इन लोगों ने लोहरदगा और रांची में ट्रेन पर सवार होते वक्त बड़कीचांपी का टिकट लिया था। मतलब, इस 'अनाम' स्टेशन का नाम बड़कीचांपी है। फिर भी दूसरी जगहों की तरह इस प्लेटफॉर्म पर, यात्री शेड या किसी भी सार्वजनिक जगह पर स्टेशन का नाम नहीं लिखा गया है।