जैक द रिपर करीब 120 से अधिक वर्षों तक इंग्लैंड के अखबारों के लिए समाचार का विषय रहा है और आज भी लोग उसके बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं। उन्नीसवीं सदी के अंत में पूर्वी इंग्लैंड के एक जिले में पांच वेश्याओं की हत्या कर सनसनी फैला दी थी। उसकी सनक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वेश्याओं की हत्या करने के बाद वह उनके शरीर को इस कदर अंग-भंग कर देता , जैसे उसे मानव शरीर की संरचना की पूरी जानकारी हो।
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Jack the Ripper
वर्ष 1888 में एक के बाद एक पांच वेश्याओं की हत्या कर सनसनी फैलाने वाला सीरियल किलर जैक द रिपर तमाम कोशिशों के बावजूद कभी पकड़ा नहीं गया। उसकी पहचान इंग्लैंड के लोगों के लिए आज भी एक रहस्य बनी हुई है। हालांकि वर्ष 2014 में रसेल एडवर्ड्स, जो एक लेखक और सट्टेबाज हैं, ने दावा किया कि उन्होंने मृत महिलाओं में से एक कैथरीन एडवॉसेस के शॉल से मिले अवशेष के डीएनए टेस्ट के आधार पर जैक द रिपर की पहचान साबित कर दी है, लेकिन इस रिपोर्ट को अभी तक सत्यापित नहीं किया गया है।
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Jack the Ripper
जैक द रिपर करीब 120 से अधिक वर्षों तक इंग्लैंड के अखबारों के लिए समाचार का विषय रहा है और आज भी लोग उसके बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं। उसकी सनक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वेश्याओं की हत्या करने के बाद वह उनके शरीर को अंग-भंग कर देता था। वह शरीर के अंगों को इस तरह अंग-भंग करता था जैसे उसे मानव शरीर की संरचना की पूरी जानकारी हो। अगस्त और सितंबर 1888 के बीच पूर्वी लंदन के व्हाइटचैपल जिले में एक के बाद एक पांच वेश्याओं मैरी एन निकोलस, एनी चैपमैन, एलिजाबेथ स्ट्राइड, कैथरीन एडवॉसेस और मैरी जेन केली की हत्या कर उसने पूरे इंग्लैंड को स्तब्ध कर दिया था। तमाम कोशिशों के बावजूद वह कभी पकड़ा नहीं गया और आज भी इंग्लैंड सहित दुनिया के कुख्यात अपराधियों में गिना जाता है।
जैक द रिपर की पहचान के निश्चित प्रमाणों का दावा करने वाले अनगिनत जांच के बावजूद उसका नाम और हत्याएं करने का मकसद अभी भी अबूझ पहेली बनी हुई है। यहां तक कि उसने स्कॉटलैंड यार्ड (लंदन की पुलिस) को कई खत भी लिखे, जिसमें उसने अपने अपराध की जानकारी भी दी, लेकिन वह कभी पकड़ा नहीं गया। उसके द्वारा की गई हत्याओं के उपर कई किताबें,फिल्म और टीवी धारावाहिकों का निर्माण किया जा चुका है। ब्रिटिश जासूस ट्रेवर मैरियट, जो लंबे समय से जैक द रैपर की हत्याओं की जांच कर रहे थे, को पुलिस ने बाद में केस से जुड़े दस्तावेज देना बंद कर दिया था। वर्ष 2011 के एबीसी न्यूज के एक लेख के अनुसार, लंदन के अधिकारियों ने मैरियट को केस से जुड़ी फाइलों को इस आधार पर देने से इंकार कर दिया था कि इन फाइलों में संरक्षित जानकारी शामिल है। साथ ही पुलिस ने कहा कि दस्तावेजों को सौंपने पर पुलिस को जानकारी देने वालों की भविष्यवाणी की संभावना पर भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।