ऐसे अजीबोगरीब बीमारियों के केस दुनिया की नजर में कम ही सामने आते हैं लेकिन जब लोग इन्हें अपनी आंखों के सामने देखते हैं तो उन्हें भी इन पर विश्वास कर पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक विचित्र मेडिकल केस सामने आया है जिसे समझ पाना न केवल दुनियावालों के लिए मुश्किल हो रहा है बल्कि डॉक्टर भी इस पेशंट की हालत देखकर हैरान परेशान हैं।
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six years old baby
दरअसल, यह एक छह साल के बच्चे से जुड़ा मामला है। ये छह साल का बच्चा अपनी उम्र से छह गुणा ज्यादा बड़ी उम्र का दिखता है। जी हां, इस बच्चे की तस्वीरें देखकर कोई नहीं बता पाएगा कि इसकी उम्र महज छह साल है। देखने वाले तो यही कहेंगे कि ये तो अपनी उम्र से भी छह गुणा बड़ी उम्र का लगता है।
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six years old baby
मीडिया रिपोर्टों की मानें तो इस छोटे बच्चे को एक अजीबोगरीब दुर्लभ बीमारी हुई है जिसकी वजह से उसकी स्किन अभी से झुर्रीदार दिखने लगी है, मानों जैसे किसी साठ साल के बूढ़े आदमी की त्वचा हो। बच्चों की स्किन बेहद मुलायम होती है जबकि यहां ठीक उसके उल्टा है। डॉक्टर इसे एक अनुवांशिक बीमारी के तौर पर देखते हैं।
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six years old baby
उत्तर-पूर्वी कजाखस्तान के अस्थाना शहर में लिटिल यर्नार अलीबेकोव नामक ये बच्चा पैदा होने के एक महीने तक बिलकुल ठीक था लेकिन एक महीने बाद उसे एहलर्स-डैनलोस नामक सिंड्रोम हुआ जिसने उसकी ये हालत बना दी। जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ने लगी उसकी स्किन और ज्यादा बूढ़ी नजर आने लगी।
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six years old baby
डॉक्टर्स का कहना है कि दुनिया में ऐसे कम ही मामले देखने को मिलते हैं। यर्नार अलीबेकोव से पहले बेंजामिन बटन नामक शख्स को यह बीमारी हुई थी। यर्नार महज छह साल की उम्र में ही एक बूढ़े आदमी की तरह दिखने लगा है। जबकि यर्नार ने अभी तक ठीक से चलना तक नहीं सीखा है।
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baby with mother
यर्नार के माता-पिता के सामने अपने बच्चे के इलाज की समस्या खड़ी है। वे अपने बच्चे का इलाज कराना चाहते हैं लेकिन उनके पास पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है। इसके लिए उन्होंने अपने रिश्तेदारों व करीबियों से मदद भी मांगी है। यर्नार की मां जिबेन्सा तुलेपबर्गनोवा का कहना है कि वह मदद के लिए स्थानीय अस्पताल प्रशासन से बात कर चुके हैं लेकिन इलाज में ज्यादा खर्च होगा। यर्नरा के परिवार का कहना है कि वह फिलहाल अपने बच्चे के लिए £ 245 यानी कुल 21 हजार रुपए तक खर्च सकता है। लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि इलाज में इससे कहीं ज्यादा खर्चा आएगा।
हालांकि अस्पतला ने उनके सामने एक विक्लप जरूर छोड़ा है। उन्होंने बताया कि एक संस्था ऐसी दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित बच्चों के उपचार में आर्थिक मदद करती है। वहीं संडे मिरर ने बच्चे की बीमारी के इलाज के लिए £ 3.65 मिलियन जुटाने की कोशिश की है। फिलहाल परिवार बच्चे का मुफ्त इलाज पाने की कोशिश में जुटा है।