कई बार हमारे पैरों तले की जमीन में खजाना छुपा होता है, लेकिन, हम उससे बेखबर होते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट की। यूं तो बुडापेस्ट अपनी खूबसूरत इमारतों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। पर, बहुत ही कम लोग शायद ये बात जानते हैं कि बुडापेस्ट में जमीन से 30 मीटर नीचे एक और दुनिया छुपी है। यहां स्कूबा डाइविंग की जा सकती है।
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mysterious world in Basement
ये ऐसी हकीकत है, जिससे बुडापेस्ट के बहुत से बाशिंदे भी वाबस्ता नहीं हैं। बुडापेस्ट में ज्यादातर इमारतें चूना पत्थर से बनी हैं। यहां तक कि 1902 में बनी न्यू-गोथिक पार्लियामेंट बिल्डिंग भी इसी पत्थर से बनी है। इमारतों के लिए चूना पत्थर कोबानिया इलाके से खुदाई करके लाया गया था। यहां खुदाई का काम मध्य युग में शुरू हुआ था, जो उन्नीसवीं सदी के मध्य तक चला। शुरूआत में ये खुदाई पत्थर निकालने के मकसद से नहीं की गई थी।
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Budapest
मौज-मस्ती वाली डाइविंग
बल्कि, जमीन के अंदर तहखाना बनाने के लिए की गई थी। उस दौर के लोगों ने जमीन की सतह से करीब 30 मीटर नीचे 32 किलो मीटर लंबा तहखाना बनाया। 1990 में यहां बाढ़ आई तो तहखाने में पानी भर गया। स्थानीय सरकार ने गोताखोरों के समूह से तहखाने का पानी निकालने को कहा। जब गोताखोर सफाई करने तहखाने में उतरे तो उन्हें लगा कि तहखाने के कुछ हिस्से को मौज-मस्ती वाली डाइविंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि यहां बड़ी संख्या में लोग डाइविंग नहीं करते, लेकिन कॉर्नेल डोमजन नियमित रूप से डाइविंग के लिए आते हैं। वो टेलीकम्यूनिकेशन टेक्नीशियन है।
उन्हें ऊंचाई पर चढ़कर जान जोखिम में डाल कर काम करना पसंद है। 2003 में अपने इसी जुनून के चलते उन्हें एक भयानक हादसे का शिकार होना पड़ा। इस हादसे में उनकी पसलियां टूट गईं। कूल्हे की हड्डी में भी बल पड़ गया। शरीर पर और भी कई जगह गंभीर चोटें आईं।
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Basement mysterious world
स्कूबा डाइविंग
हादसे की वजह से कॉर्नेल का आत्मबल पूरी तरह टूट चुका था। एक दिन उनके किसी साथी ने उन्हें इस मुश्किल घड़ी से निकलने के लिए स्कूबा डाइविंग की सलाह दी। सलाह पर अमल करते हुए कॉर्नेल ने ताइवान, मिस्र और क्रोएशिया के समुद्र तटों पर जाकर स्कूबा डाइविंग शुरू की। वो इस बात से बिल्कुल बेख़बर थे कि ये काम वो अपने घर से महज चार किलो मीटर की दूर पर भी कर सकते हैं। कॉर्नेल बताते हैं कि साल 2009 में उन्हें सबसे पहले उनके एक पड़ोसी ने बताया कि बुडापेस्ट में भी स्कूबा डाइविंग की जा सकती है।
इस काम के लिए उन्होंने मास्टर डाइविंग इंस्ट्रक्टर अत्तीला बोल्गर से संपर्क साधा, जिन्होंने शहर की जमीन के नीचे डाइव करने का तरीका बताया। कोबानिया सुरंग के नजदीक चार ऐसी जगहें हैं, जहां ग़ोताखोरी की जा सकती है, लेकिन इनमें से सिर्फ एक ही डाइविंग के लिए इस्तेमाल की जाती है।
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Basement mysterious world
सावधानी बरतनी जरूरी है...
इस साइट का नाम है पार्क कुत, सुरंग का ये ऐसा इलाका है जो खुला हुआ है और यहां ताजा हवा रहती है। लेकिन यहां गोताखोरी के लिए बुनियादी ओपन वॉटर डाइविंग सर्टिफिकेट की दरकार है। ये सर्टिफिकेट सुरक्षा कारणों से जरूरी है। क्योंकि सुरंग के अंदर चैंबर्स के अलावा सीढ़ियां भी हैं। जहां तैराकी के वक्त सावधानी बरतनी जरूरी है। यहां पानी का तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस रहता है। पार्क कुत में पानी की सतह से करीब 17 मीटर नीचे और जमीन की सतह से करीब 47 मीटर नीचे तक ग़ोताखोरी की जा सकती है। सुरंग में बने सभी कक्षों तक पहुंचने में करीब 40 मिनट का समय लगता है। यहां पहुंच कर आपको अंदाजा हो जाएगा कि पत्थर की खुदाई किस तरह की गई होगी। इन कक्षों में आज भी सुरंग खोदने वाले औजार मौजूद हैं। ग़ोताखोर बोल्जर के मुताबिक सुरंग की खुदाई का काम 1890 में रुक गया था।
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Budapest
बाढ़ से बेअसर
इस दौर में शराब बनाने वाले सुरंग के बहुत से कक्षों का इस्तेमाल शराब रखने और खमीर उठाने के लिए करते थे। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस गुफा का इस्तेमाल बमबारी से बचने के लिए भी किया गया था। यहां तक कि जर्मनी के फाइटर प्लेन मेसरश्मिट का इंजन भी यहीं जोड़ा गया था। यहीं वो दौर था जब इस सुरंग में तराश-खराश के बाद तीन चर्च बनाए गए। इसमें एक चर्च गोथिक शैली में बना है। तहखाने का बहुत सा हिस्सा बाढ़ से बेअसर रहा था। आज कल तहखाने के उसी हिस्से को आम जनता के लिए साल में कई मर्तबा खोला जाता है। लोग यहां कई तरह के मनोरंजक कार्यक्रम करते हैं। साइकिल रेस का मुकाबला भी आयोजित करते हैं।
खुफिया तहखाना
बहुत से इतिहासकारों के अंदाजे के मुताबिक़ कोबानिया चूना पत्थर की खान से करीब दस लाख क्यूबिक मीटर पत्थर खोद कर निकाला गया है। भले ही ये खान खुफिया है। लेकिन यहां के लोग इस बात के गवाह हैं कि यहां से कितना पत्थर निकाला जा चुका है। सुरंग की लंबाई कितनी है, ये यकीनी तौर पर बता पाना मुश्किल है। लेकिन, इतना जरूर कहा जा सकता है कि ये खुफिया तहखाना काफी दूर तक फैला है। कभी मौका लगे तो आप भी लगा आइए तहखाने में डुबकी।