ayya konda villager
इस गांव में कुछ और भी प्रथाएं भी मौजूद हैं जैसे, यहां के लोग गांव के बाहर शादी नहीं करते और परंपरागत खाट पर भी नहीं सोते हैं। गांव वालों का मुख्य पेशा खेती है। यहां ये अनाज के अलावा प्याज, मूंगफली और मिर्च की भी खेती करते हैं। अय्या कोंडा को इस इलाके में खरगोशों की भारी आबादी के कारण पहले 'कुंडेलू पडा' (खरगोशों के लिए घर) के नाम से जाना जाता था। हालांकि बाद में इसका नाम अय्या कोंडा रखा गया। गांव वालों को अपने राशन, पेंशन या रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पहाड़ी के नीचे गंजिहल्ली जाना पड़ता है। मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) के सदस्य ख्वाजा नवाब कहते हैं कि कब्रिस्तान के निर्माण के लिए अगर सरकार जमीन आबंटित कर दे तो यह अंधविश्वास को दूर करने में समाधान के रूप में काम कर सकता है।