39 साल के बेटे की मौत पर उसके पिता ने बैंड बजवाया और साथ में पटाखे फोड़े तो यह देखकर गांववाले दंग रह गए।
एक रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला वडोदरा का बताया जा रहा है। आइए जानते हैं विस्तार से...
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मृतक का नाम भरत परमार बताया जा रहा है। व्यक्ति की मौत पर उसके पिता ने बैंड बजवाएं और तो और पटाखे भी फोड़े। हैरान करने वाली बात तो यह है कि ये किसी रीति-रिवाज के अन्तर्गत नहीं की गई है। लेकिन ऐसी क्या वजह थी कि जवान बेटे की मौत पर पिता को ऐसा करना पड़ा।
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रिपोर्ट के मुताबिक इस पर पिता गोरधन परमार भाई का कहना था कि उनके बेटे ने परिवार के लिए बहुत कुछ किया। अपने परिवार के खातिर उसने खुद को कुर्बान कर दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक वडोदरा के करोडिया गांव के रहने वाले भरत परमार की 3 मार्च को दिल का दौरा पड़ने के कारण मौत हो गई।
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बेटे के मौत के बाद पिता गोरधन ने बेटे के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आतिशबाजियों और बैंड बाजे सहित शव यात्रा निकाला। सिर्फ इतना ही नहीं इस अंतिम यात्रा में बैंड वालों ने रघुपति राघव राजा राम भजन भी बजाएं। रिपोर्ट के मुताबिक अंतिम यात्रा का यह कार्यक्रम करीब 40 मिनट तक चला। पिता का कहना था कि अपने परिवार को समृद्ध बनाने के लिए उसने एक-एक दिन 10-11 ऑर्डर पूरा करता था। अब बारी थी कि हम भी उसके लिए कुछ करें। भरत की पत्नी और बेटियों की सहमति के बाद हमने यह पहल की।
पिता गोरधन आगे कहते हैं कि मुझे हमेशा से ही कुछ अलग करने की चाह रही है। वो आगे कहते हैं कि हमारे समय में संपन्न परिवार के लोग शादी के दौरान घोड़े पर सवार होकर जाते थे लेकिन मैनें ऊंट पर बैठ बारात निकाली थी और उस वक्त मैं एकलौता ऐसा था जिसने कि ऐसा किया था। इस बार भी मैनें ऐसा कर एक नए चलन की शुरूआत की है।