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2 पीढ़ियों के इंतजार के बाद पैदा हुई बेटी तो पिता ने किया कुछ ऐसा, आंखें जमाए देखता रह गया पूरा शहर

Thu, 25 Oct 2018 12:14 PM IST
फीचर टीम, अमर उजाला
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girl child with family - फोटो : FACEBOOK
घर में बेटी के आने की खुशी क्या होती है कोई इस पिता से सीखे...सचमुच वह नजारा कितना अद्भुत रहा होगा जब उनके घर में एक नन्ही परी आई। खुशी के मारे पिता ने अपने हाथों से फूलों की बारिश कर उसका स्वागत किया था। यह सब तब हुआ जब दो पीढ़ी गुजर चुकी थी। बहुत दुआओ और मन्नतों के बाद इस बेटी ने जन्म लिया है। 
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baby
यह मामला सामने आया है मध्यप्रदेश कैंट के नयापुरा में... मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यहां नागवंशी परिवार में मंगलवार को बेटी की किलकारी गूंज उठी। परिवार के लिए यह बहुत बड़ी खुशी का मौका है। और हो भी क्यों नहीं... आखिरकार दो पीढ़ियों के इंतजार के बाद उनके यहां बेटी ने जन्म जो लिया है। जी हां, समाज में जहां अक्सर देखा जाता है कि इतनी खुशियां बेटा पैदा होने पर बनाई जाती है लेकिन मध्यप्रदेश का नागवंशी परिवार ने इस बेटी के आने का जबरदस्त जश्न मनाया।  
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baby
जब बिटिया को अस्पताल से घर लाया गया तो पिता उसे लेने के लिए दरवाजे की जगह घर की छत पर नजर आए। किसी को नहीं मालूम था कि पिता हाथ में फूल लिए अपनी बेटी का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही वह अपने चाचा की गोद में घर की और आई ऊपर से फूलों की बरसात होने लगी। दरअसल, वे चाहते थे कि जब उनकी बेटी घर में प्रवेश करे तो वे उस पर फूल बरसाएं और हुआ भी ठीक वैसा ही। बिटिया को पीले फूलों से दुल्हन की तरह सजी लाल रंग की बोलेरो में घर लाया गया था।

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baby
इसके बाद उसका गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत किया गया। वहीं घर के छोटे बच्चे पटाखे जलाकर खुशी मना रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिता भूपेंद्र सिंह अग्निवंशी कहते हैं कि पूरे परिवार ने बेटी को परी नाम दिया है। परी के आने की खुशी इसलिए है, क्योंकि पिछली दो पीढ़ी से हमारे यहां बेटी नहीं जन्मी थी। भूपेंद्र बताते हैं कि हमारे पिता के हम 4 भाई हैं और हमारे यहां भी बेटे ही हुए। पहली बार बेटी हुई है, इसलिए पूरा परिवार खुश है। 
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baby hold mother hand
नागवंशी परिवार में बेटी आने की खुशी सारे शहर ने अपनी आंखों से देखी। जी हां, भूपेंद्र के बड़े भाई यशवंत जब अपनी नवजात भतीजी को लाने के लिए सजी-धजी गाडी़ लिए अस्पताल पहुंचे तो लोगों को समझ पाना मुश्किल हो रहा था मगर बाद में जब वो शहर के बीच से गुजरे तो लोग हैरान रह गए। सबने सोचा आखिर इतनी सजी-धजी गाड़ी जा कहां जा रही है। आमतौर पर तो लोग नई दुल्हन को लाने के लिए इस तरह से गाड़ी तैयार करा के ले जाते हैं लेकिन अभी इनके परिवार में तो किसी की शादी नहीं थी। जब लोगों को मालूम चला कि कार भूपेंद्र के घर उनकी नवजात बेटी को लेकर गई है तो सबने उनकी तारीफ की।
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