आठ साल की इस बच्ची की कहानी के बारे में जानकर शायद आपकी आंखें भी नम हो जाए। ये बच्ची माया मरही सीरिया के एक रिफ्यूजी कैंप में रहती है। माया जन्म से ही बिना पैर के पैदा हुई । लेकिन जैसे-जैसे उसकी चलने फिरने की उम्र हुई वह बड़ी मायूस रहने लगी। उसके हमउम्र बच्चे उसके सामने चहकते और दौड़ते नजर आते थे तो उसके मन में भी ये उमंग उठती की वो भी उनकी तरह दौड़े लेकिन वह चल तक नहीं पाती थी। फिर बाद में वह चलने के लिए टीन केन से बने पैरों का प्रयोग करने लगी। जब उसकी ये तस्वीर ने दुनिया की नजरों में आई तो इसने सबको झकझोर कर रख दिया।
विज्ञापन
2 of 6
SYRIA GIRL WITH THE FATHER
ये दर्द सिर्फ माया की जिंदगी में ही नहीं बल्कि उससे पहले उसके पिता ने भी झेला है। जी हां, माया के साथ उसके पिता मोहम्मद अली मरही भी जन्म से ही बिना पैरों के पैदा हुआ हैं। माया का परिवार सीरिया के कैंप में रह रहा था क्योंकि माया के पिता की माली हालत बेहद कमजोर थी। उनके पास कमाई का कोई साधन नहीं था। माया के पिता का शरीर देखकर कोई उसे काम नहीं देता। इसलिए माया के पिता कभी अपने लिए नकली पैर लगाने के लिए पैसे इकट्ठा कर ही नहीं पाए। वो जिंदगी भर बिना पैरों के ही माया की तरह टीन के डिब्बे से बने पैरों का इस्तेमाल करते रहे।
विज्ञापन
3 of 6
SYRIA GIRL WITH THE FATHER
माया और उसके पिता की ये तस्वीरें जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसी एएफपी ने छापी तो इन्हें देखकर पूरी दुनिया हिल गई। तस्वीरों में दिखाया गया कि कैंप में किस तरह से माया और माया के पिता अमानवीय हालत में रहने को मजबूर है। दुनिया ने माया की तस्वीर देख मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए।
4 of 6
SYRIA GIRL WITH THE FATHER
दोनों की तस्वीरें देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। बाद में तुर्की के डॉक्टरों ने मदद का फैसला किया। पिता और बेटी को इलाज के लिए इस्तांबुल लाया गया, जहां माया को कृत्रिम पैर लगाने का काम किया।
विज्ञापन
5 of 6
SYRIA GIRL WITH THE FATHER
डॉक्टरों का कहना है कि कृत्रिम पैर लगाने के बाद तीन महीने में माया पूरी तरह से कृत्रिम पैरों के सहारे चल सकेगी। डॉक्टरों का कहना है कि आनुवांशिक बीमारी के कारण माया के पैर विकसित नहीं हुए। माया के पैर विकसित नहीं होने का कारण डॉक्टरों ने जेनेटिक बीमारी को बताया है। हालांकि इस बीमारी के कारणों पता नहीं लगाया जा सका है।