बता दें कि घटना के बाद गंभीर हालत में हिमांशु को छिंदवाड़ा के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां से उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया था। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. सीएम गेडाम ने बताया कि मरीज का रेशप्रेरेशन और प्लस नहीं चलने के कारण ब्रेन डेड मानकर मृत घोषित किया गया। उन्होंने बताया कि इस स्थिति में मरीज का हार्ट और ब्रेन काम नहीं करता है इसलिए डॉक्टर ने मरीज को मृत घोषित किया था। चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि, परिजन के कहने पर गाड़ी में ही मरीज की पल्स जांच की गई, उस समय पल्स रेशप्रेरेशन नहीं चलने पर मरीज को मृत घोषित किया गया था। हलांकि कई बार एकाध मरीज की पल्स लौट आती है, इस मरीज के साथ ऐसा ही हुआ है।