फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नर्स ने मासूम के साथ किया कुछ ऐसा, बन आई जान पर, CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

Wed, 20 Sep 2017 09:30 AM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
विज्ञापन
1 of 5
अगर डॉक्टर भगवान है, तो जाहिर है हॉस्पिटल उसका मंदिर है। लोग यहां आते हैं एक नई जिंदगी के लिए। लेकिन जब किसी की लापरवाही से एक नई जिंदगी मौत के मुंह चली जाए तो शायद आपको भी उन डॉक्टर्स और नर्स के अनुभव पर गुस्सा आ ही जाए और हो सकता है आप भी उन्हें वैसे ही कटघरे तक खींच लाएं, जैसे एक फैमिली ने किया।

मामला नार्थ ईस्ट चीन में स्थित पोस्टपार्टम केयर सेंटर का है जहां की महिला नर्स ने एक बच्चे की जिंदगी ही आफत में डाल दी। इसका  खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हुआ। जैसे ही सोशल मीडिया पर  वायरल हुआ, हर जगह सेंटर की आलोचना होने लगी।

आखिर नर्स ने ऐसा क्या कर दिया था!

पढ़ें: 3D प्रिंटर से पहली बार बनाई गई इंसानों की हड्डी
 
विज्ञापन

2 of 5
बात जुलाई की है। सेंटर की एक महिला कर्मचारी स्ट्रॉलर को खींच रही थी, जिसमे 19 दिन पहले जन्मा बच्चा सो रहा था। लेकिन बैलेंस बिगड़ने से बच्चा सिर के बल स्ट्रॉलर सहित जमीन पर गिर गया।

पढ़ें: सांप जैसी हो जाती है बच्ची की चमड़ी, इस बीमारी के कारण लोग बुलाते हैं 'स्नेक गर्ल'
 
विज्ञापन

3 of 5
तभी पास खड़ी पिंक कलर की यूनिफॉर्म पहने एक दूसरी कर्मचारी ने तुरंत बच्चे को संभाला। जैसे ही 14 सेकेंड का ये वीडियो चीन के सोशल मीडिया प्लेटफार्म वीबो पर वायरल हुआ, लोगों का गुस्सा महिला कर्मचारी पर फूट पड़ा।

पढ़ें: करीब से देखने पर भी नजर नहीं आएगा कोई गड्ढा, फिर कहां फंस गया इस शख्स का पैर!
 

4 of 5
हालांकि, सेंटर के प्रवक्ता ने कहा कि वो महिला कर्मचारी काफी अनुभवी है। अस्पताल का दावा है कि इस हादसे में बच्चे को कुछ नहीं हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के दिमाग का सीटी स्कैन किया गया है, जिसमें किसी भी तरह का जख्म नहीं दिखा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भले ही बच्चा सुरक्षित हो, लेकिन महिला कर्मचारी और सेंटर की लापरवाही के कारण बच्चे की फैमिली ने उन पर मुकदमा ठोक दिया है। 
यहां देखें वीडियो-


इतने छोटे से बच्चे का सिर के बल गिरना आम बात नहीं है। इस हादसे में उस नवजात के दिमाग पर भी असर पड़ सकता था। शुक्र है कि कोई अनहोनी नहीं हुई। लेकिन ऐसी घटना किसी के साथ भी घट सकती है। जरूरी है कि हम हमेशा सतर्क रहें और केवल अस्पताल के स्टाफ के भरोसे अपने बच्चों को न छोड़ दें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें