जहां एक तरफ भारतीय रेलवे की रफ्तार बदलने के लिए रोज नए-नए प्लान तैयार किए जा रहे हैं, वहीं एक हकीकत यह भी है कि ट्रेनों के घंटों देरी से चलने से यात्री ही नहीं ट्रेन ड्राइवर भी परेशान होने लगे हैं। उन्हें कई-कई घंटे एक्स्ट्रा ड्यूटी करनी पड़ रही है।
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कॉशन और लाइन मेंटीनेंस के चलते ऐसा हो रहा है। बृहस्पतिवार को बरेली में एक ऐसा ही मामला सामने आया। यहां ड्यूटी टाइम पूरा होने पर मालगाड़ी का ड्राइवर रसुइया स्टेशन पर ट्रेन छोड़कर घर चला गया।
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मुरादाबाद के मंडलीय अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ को ड्राइवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया, लेकिन बाद में कर्मचारी संगठनों के विरोध पर आदेश वापस भी ले लिया गया। बरेली के ड्राइवर राजेश कुमार श्रीवास्तव को इफ्को से खाद की रेक लेकर रोजा जाना था।
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बृहस्पतिवार सुबह तीन बजे वह ड्यूटी पर आए और बरेली कैंट स्टेशन से खाली रेक लेकर बिशारतगंज स्टेशन पहुंचे। कॉशन के चलते उन्हें 15 किमी दूर बिशारतगंज पहुंचने में दो घंटे लग गए। इसके बाद आठ घंटे इफ्को फैक्ट्री में खाद लोड होने में लगे। बरेली कैंट आते-आते उनकी 10 घंटे की ड्यूटी पूरी हो गई।
लिहाजा उन्होंने लूप लाइन पर मालगाड़ी खड़ी कर दी और स्टेशन मास्टर को ड्यूटी पूरी होने का हवाला देकर वापस जाने को कहा। स्टेशन मास्टर ने मुरादाबाद में सीनियर डीसीएम से बात कराई तो उन्होंने मालगाड़ी रोजा तक ले जाने का आदेश दे दिया। बताया जाता है कि कैंट से छह किलोमीटर दूर रसुइया स्टेशन पहुंचते-पहुंचते राजेश कुमार के ड्यूटी आवर 12 घंटे हो गए। इस पर उन्होंने ट्रेन वहीं खड़ी कर दी और स्टेशन मास्टर को सूचना देकर घर चले गए।