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दुल्हन बनने से पहले यहां लड़की के साथ किया जाता है घिनौना काम, आरोपी को सजा नहीं मिलता है ये इनाम

Sat, 26 May 2018 10:20 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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girl
आज तक आपने लड़कों का अपहरण कर जबरन शादी कराए जाने के किस्से सुने होंगे लेकिन आज हम आपको बताएंगे ऐसी जगहों के बारे में जहां लड़कियों का अपहरण किया जाता है वो भी जबरन दुल्हन बनाने के लिए। जी हां, इन जगहों पर आज यह एक प्रथा बन चुकी है। इसके आगे की कहानी जानेंगे तो सन्न रह जाएंगे क्योंकि इस बात से आप अभी वाकिफ नहीं हैं कि अपहरण के बाद इन लड़कियों के साथ क्या-क्या होता है...  
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Bride Kidnapping In Kyrgyzstan
दुनिया में महिलाओं को जहां आज बराबरी का हक और सम्मान दिलाने के लिए बड़े-बड़े संगठन व संस्था जंग लड़ रहे हैं वहीं कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां इनके सम्मान को पैरों तले इस कदर रौंद दिया जाता है कि वे दोबारा उठ खड़े होने की हिम्मत भी नहीं कर पाती। एक अजीब से डर का साये तले जिंदगी जीने को मजबूर होती हैं यहां की लड़कियां, औरतें... हर समय उनके सम्मान की यहां धज्जियां उड़ाई जा रही है। 
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bride kidnapping in kyrgyzstan
समाज में सम्मान पूर्वक जिंदगी जीने का अधिकार ही उनसे छीन लिया जाता है। यहां की महिलाओं के साथ कुछ ऐसा किया जाता है। आप को सुनने में जरूर अजीब लगेगा। किर्गिस्तान में एक प्रथा के बतौर लड़कियों का अपहरण कर लिया जाता है। इसके बाद लड़की की हर जगह बदनामी हो जाती है। ऐसा कर उन्हें बाद में छोड़ भी दिया जाता है। लेकिन इतना सब होने के बाद लड़की जब घर वापस लौटती है तो उसकी असली लड़ाई यहीं से शुरू होती है। 

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marriage
दरअसल, अपहरण की बात पता चलने पर वहां कोई भी ऐसी लड़की का हाथ थामने को तैयार नहीं होता। ऐसे में लड़की की शादी तय होना मुश्किल हो जाता है। परिवार को बदनामी का डर सताने लगता है। थक हारकर माता-पिता को अपनी बच्ची का हाथ उसी इंसान को सौंपना पड़ता है जिसने कभी उसका अपहरण किया हो। किर्गिस्तान में अपहरण कर दुल्हन बनाने की यह कुरीति एक रिवाज बन चुकी है। केवल इतना ही नहीं विश्व के कई और देशों में भी ऐसी ही मिलती-जुलती प्रथाएं आपको देखने को मिल सकती हैं। एशिया और यूरोप के बीच में पड़ने वाले प्रांत काकेशस, हमॉन्ग, तजेल्ताल और रोमानी भी ऐसे इलाके है जहां इसी तरीके की घटनाएं सामने आती रही हैं।
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bride kidnapping in kyrgyzstan
कोलपोन मेतेवेवा की कहानी
कोलपोन मेतेवेवा का अपहरण शादी के लिए हुआ। कोलपोन का पति उनके साथ काफी मारपीट करने वाला निकला। एक दशक तक किसी तरह पति के साथ गुजर बसर करने के बाद कोलपोन ने अपने पति से तलाक मांगा। इस पर पति ने कोलपोन की हत्या कर दी। पत्नी की हत्या के मामले में अब पति 19 साल के कैद की सजा काट रहा है। कोलपोन का अपहरण 19 साल की उम्र में हुआ था, तब वे अपने पति के बारे में कुछ भी नहीं जानती थीं। वे अपहरण करने वाले शख्स से शादी नहीं करना चाहती थीं, लेकिन दूसरी तमाम लड़कियों की तरह ही और शर्म के चलते उसे अपनी पति के साथ रहना पड़ा।
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bride kidnapping in kyrgyzstan
क्या कहता है मौजूदा कानून
किर्गिस्तान में ये स्थिति तब है जब देश में इस पर अंकुश लगाने वाला एक कानून मौजूद है। मौजूदा कानून के मुताबिक अगर कोई शख्स किसी युवती की इच्छा के बिना शादी के लिए उसका अपहरण करता है तो उस पर जुर्माने के साथ-साथ अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है। 
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campaign 155
‘कैंपेन 155’
2011 में इस परंपरा के खिलाफ में विभिन्न महिला संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने ‘कैंपेन 155’ नाम से अभियान चलाया। अगर शादी के लिए अपहरण पर अंकुश लगाने वाला कानून लागू हो जाता तो देश में नया कानून होता जिसकी आपराधिक धारा 155 होती, यही वजह थी कि इस अभियान को ‘कैंपेन 155’ कहा गया।

-2011  में किर्गिस्तान में दुल्हन बनाने के लिए किए गए अपहरण: 11,800 लड़कियां , 2,000 बलात्कार। 

-ग्लोबल चैरिटी गर्ल्स नॉट ब्राइड्स के मुताबिक किर्गिस्तान में 10 लड़कियों में से हर एक लड़की की शादी 18 साल से पहले हुई है।

-हालांकि किर्गिस्तान ने 2013 में दुल्हन अपहरण के इस रिवाज पर प्रतिबंध लगा दिया और 2016 में बाल विवाह पर भी रोक लगा दी, इसके बावजूद किर्गिस्तान में काम कर रहे  महिला सहायता केंद्रों का कहना है कि हर साल यहां लगभग 12,000 युवा महिलाओं और लड़कियों का शादी के लिए अपहरण किया जाता है।
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bride kidnapping in kyrgyzstan
कानून बनाने की बात पर संसद में भी छिड़ गई थी बहस

एक सांसद कोजोबेक रेसपेव ने कहा था कि अगर हमने इस मामले सजा देने की शुरुआत की तो किर्गिस्तान के सारे पुरुषों को हमें जेल में डालना होगा। किर्गिस्तान के गरीब परिवारों में युवती का अपहरण करना शादी का सबसे सस्ता और तेज विकल्प भी है। अगर नया कानून पारित होगा तो लड़कियों के अपहरण करने में सहायता देने वाले नाते रिश्तेदारों को भी जेल हो सकती है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि भले ही कितना भी सख्त कानून क्यों नहीं आ जाए, ये परंपरा कायम रहेगी।

नए कानून के लागू होने से केवल भ्रष्टाचार बढ़ेगा। क्योंकि मुश्किल से निकलने के लिए लोग रिश्वत देंगे। किर्गिस्तान के एक अन्य सांसद कुर्मेंतेव एबडिवेव ने बीबीसी से कहा था कि सख्त कानून बनाकर हम लोगों को अपराध करने से नहीं रोक सकते। हालांकि ज्यादातर लोगों का मानना है कि शादी के लिए युवतियों के अपहरण को परंपरा की जगह गंभीर अपराध मानने से इस पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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