अमेरिका में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां भारतीय मूल के एक शख्स को चाइल्ड पोर्न रखने और प्रसार करने का आरोप में चार साल की जेल की सजा सुनाई गई है। सिर्फ इतना ही नहीं सजा सुनाने के साथ-साथ अदालत ने कहा कि इस शख्स पर जेल से निकलने के 10 साल बाद तक निगरानी रखी जाए।
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अमेरिका के पिट्सबर्ग में रहने वाला 28 साल का अभिजीत दास नामक इस शख्स पर चाइल्ड पोर्न रखने का आरोप लगा था जिसमें अदालत ने साक्ष्यों के आधार पार उसे दोषी पाया है। इस अपराध के बदले अदालत ने उसे 52 महीने के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि अभीजित के पास ऐसी सामग्री पाई गई जो नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण को बढ़ावा देती है।
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मीडिया रिपोर्टों की मानें तो दास ने अपने पास अवैध रूप से कंप्यूटर ग्राफिक फाइलें रखीं थी जिनमें लगभग 1,000 से अधिक तस्वीरें और 380 अश्लील वीडियो शामिल हैं। ये तस्वीरें साफतौर पर बताती हैं कि अभिजीत का व्यवहार साफ तौर पर बताता है कि वह नाबालिग बच्चों के साथ यौन आचरण वाली क्रियाओं को देखने का शौकीन था।
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अभिजीत दास पर आरोप लगाया गया है कि वह पिछले काफी समय से एक व्हाट्स एप ग्रुप के जरिए कई अश्लील फोटो और वीडियो शेयर कर रहा था। ये व्हाट्सएप ग्रुप विश्व के कई देशों से जुड़ा हुआ था। बताया जाता है कि इस ग्रुप में तकरीबन 18 देशों के लोग जुड़े हुए थे।
अभिजीत इस ग्रुप में बच्चों के कई अश्लील फोटो और वीडियो शेयर कर रहा था। जो इन देशों तक पहुंच रहे थे। व्हाट्स एप ग्रुप में 100 से ज्यादा तो भारतीय लोगों के शामिल होने की बात पता चली है। इसके अलावा जिन देशों के लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें अमेरिका, चीन, न्यूजीलैंड, मैक्सिको, अफगानिस्तान, पाकिस्तान समेत 18 देशों के लोग शामिल हैं। फिलहाल, पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दास के रैकेट में कौन से लोग शामिल थे। ये भी जानने की कोशिश हो रही है कि आखिरकार बच्चों के यौन शोषण के वीडियो और तस्वीरों का दास के पास आने का स्रोत क्या था?