आपको इस तस्वीर में खाली जूते ही नजर आ रहे होंगे। इन्हें देखकर शायद आपके मन में ये सवाल भी आ रहा होगा कि आखिर इतने सारे जूते ऐसे क्यों सजाए गए हैं और ये किनके हो सकते हैं..? दरअसल, इस तस्वीर के पीछे एक बड़ी दर्दनाक दास्तान छुपी है। अब तो आप जरूर इस बारे में जानना चाहेंगे। तो चलिए बताते हैं...
विज्ञापन
2 of 5
shoes displayed at EU council
दरअसल, इन सारे जूतों के असल मालिक दुनिया छोड़कर जा चुके हैं। इनमें युवा, बच्चे, बूढ़े व महिलाएं तक शामिल हैं। इन सभी को ऐसी मौत मिली जिसकी कल्पना तक कर पाना आपकी सोच के परे हो जाएगा। इनसे जुड़ी पूरी कहानी जान ली तो आप जब-जब इस बारे में सोचेंगे, सहम उठेंगे।
विज्ञापन
3 of 5
shoes displayed at EU council
बता दें जंग में मारे गए लोगों के ये जूते बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में एक ऐसी इमारत के सामने रखे गए हैं जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद हैै। जी हां, यहां बनी यूरोपियन यूनियन काउंसिल बिल्डिंग के सामने इन जूतों को 'आवाज' नामक एक सामाजिक संस्था ने डिस्पले में रखा है। ताकि वह पूरी दुनिया का ध्यान इस गंभीर विवाद की ओर ले जा सके।
4 of 5
shoes displayed at EU council
बताते हैं कि ये उन 4500 लोगों के जूते हैं जो 'इजरायल और फलस्तीन' की जंग में मारे गए। लंबे अरसे से इन दोनों देशों में संघर्ष जारी है लेकिन फलस्तीन की हालत ज्यादा खस्ता हो चुकी है। जी हां, इजरायल फोर्स ने फलस्तीन के 4500 नागरिकों को मौत के घाट उतारा है। इस बात का बड़ा सबूत पेश करते हैं उनके यह जूते।
जी हां 'आवाज' नामक सामाजिक संगठन ने जंग में मारे गए इन लोगों की आवाज बनकर एक विश्वव्यापी आंदोलन शुरू किया है। संगठन ने यह तय किया है कि जो भी फलस्तीनी इस जंग में मारा जाएगा उनके स्थान पर वे यूरोपियन यूनियन काउंसिल बिल्डिंग के सामने जूते या चप्पलों की जोड़ी लाकर रखेंगे।