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टीवी से लेकर आदमी तक मिलते हैं किराए पर, एक क्लिक पर 80 ऐसी चीजें और साथ में मोटी रकम

Thu, 30 Aug 2018 04:59 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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एक ऐसी वेबसाइट जो कि हुनर भी किराए पर देती हो। जी हां इस खास वेबसाइट के सह-संस्थापक बांके बिहारी और अनुज झा हैं। यह वेबसाइट छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से शुरू हुई थी और आज इस वेबसाइट के जरिए कोई भी, कहीं से भी, कुछ भी किराए पर ले सकता है। बांके बिहारी ने बताया- 'मैं उड़ीसा का रहने वाला हूं लेकिन कुछ साल पहले कारोबार के सिलसिले में परिवार के साथ रायपुर आना पड़ा। इस दौरान मैंने जब रहने के लिए घर की तलाश की तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तब मैंने देखा कि मकान दिलाने वाले बिचौलिये मुझसे एक महीने के किराये के बराबर कमीशन मांग रहे थे। इतना ही नहीं दूसरी ओर मकान देने वाले से भी 15 दिन का कमीशन ले रहे थे।' 
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उन्होंने कहा- 'कई बार जो लोग अपना घर किराए पर देना चाहते थे वो काफी वक्त तक खाली रहता था क्योंकि ब्रोकर के साथ अनबन होने के कारण वो किसी को भी घर नहीं दिखाता। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि पूरा बाजार ब्रोकर के हाथों में है। इसके अलावा उन्होंने देखा कि किराए पर मकान का मिलना एक बड़ी समस्या तो है ही साथ ही जरूरत पड़ने पर कभी इलेक्ट्रिशियन, तो कभी प्लंबर को ढूंढने में भी लोगों को दिक्कत होती है। तब उन्होंने सोचा कि उनके जैसे और लोग भी होंगे जिनको इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। इसके बाद ही उन्होने रेंटल वेबसाइट शुरू करने का फैसला कर लिया।' 
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बांके बिहारी रेंटल वेबसाइट शुरू करना चाहते थे लेकिन उन्हें पता नहीं था कि इसे कैसे शुरू किया जाए। उस वक्त उनकी मुलाकात अनुज झा से हुई। अनुज झा रेंट2कैश के दूसरे सह-संस्थापक और सोशल मार्केटिंग मैनेजर भी हैं। इस काम को शुरू करने से पहले उनको काम के सिलसिले में दिल्ली, गाजियाबाद, पुणे जैसे शहरों में रहना पड़ा था। दोनों ने फैसला लिया कि इस मामले में कुछ नया किया जाए। इसके बाद ही दोनों ने मिलकर रेंट2कैश की शुरुआत की। आज के समय में इस वेबसाइट में मकान से लेकर मोटरसाइकल, साइकिल, टीवी, फ्रीज, एसी, फर्नीचर, वॉशिंग मशीन के अलावा ड्राइवर भी किराए पर मिलते हैं। इतना ही नहीं मेहंदी आर्टिस्ट, कुक, सिंगर, डांसर सब कुछ रेंट2कैश वेबसाइट में पलक झपकते ही किराए पर मिलता है। 

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रेंट2कैश के सह-संस्थापक अनुज झा के मुताबिक इस वेबसाइट में 80 तरह की चीजें कोई भी व्यक्ति किराए पर दे सकता है या फिर ले सकता है। इसके अलावा ये वेबसाइट मुफ्त में क्लासीफाइड विज्ञापन लेती है। इस प्रक्रिया में किसी एजेंट की कोई भूमिका नहीं होती। रेंट2कैश वेबसाइट की शुरुआत साल 2015 में 6 लोगों की एक टीम ने की थी लेकिन आज ये संख्या 24 तक पहुंच गई है। रेंट2कैश के संस्थापक अनुज झा का कहना है कि हर रोज इस बेवसाइट पर 500 लोग आ रहे हैं और उनकी कोशिश इस संख्या को और ज्यादा बढ़ाने की है इसके लिए हम लोग सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और ट्विटर की मदद ले रहे हैं। 
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इसके अलावा ये लोग अपना ज्यादा फोकस दिल्ली एनसीआर, लखनऊ, पटना, भोपाल, बंगलुरु जैसे शहरों में करना चाहते हैं। इन लोगों का कहना है कि फिलहाल इनकी आय में हर महीने 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और ये सब विज्ञापनों की वजह से हो रहा है। रेंट2कैश के सह-संस्थापक अनुज के मुताबिक ये देश की पहली रेंटल वेबसाइट है जहां पर सेवाएं देने वाले से और लेने वाले से कोई पैसा नहीं लिया जाता है। फिलहाल कंपनी अपने एंडरोइड वर्जन वाले ऐप पर काम कर रही है जबकि आईओएस वर्जन अक्टूबर तक बाजार में आने की उम्मीद है।
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