फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vrindavan Discovery: वृंदावन की किसने की थी खोज और कब हुई थी स्थापना? जानिए इससे जुड़ी रोचक बातें

Thu, 22 May 2025 06:52 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Vrindavan Discovery: उत्तर प्रदेश में कई प्रसिद्ध और एतिहासिक मंदिर हैं। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा और वृंदावन की बात सबसे अलग है। मथुरा वृंदावन में हर दिन हजारों श्रृद्धालु आते हैं।
विज्ञापन
1 of 1
वृंदावन की किसने की थी खोज और कब हुई थी स्थापना? जानिए इससे जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Adobe Stock
Vrindavan Discovery: उत्तर प्रदेश में कई प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिर हैं। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा और वृंदावन की बात सबसे अलग है। मथुरा और वृंदावन में हर दिन हजारों श्रृद्धालु आते हैं। मथुरा और वृंदावन के हर एक मंदिर का अलग महत्व है। मथुरा का श्री कृष्ण जन्मभूमि और वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं। वृंदावन में बांके बिहारी जी के अलावा राधा वल्लभ और राधा रमण मंदिर भी बेहद प्रसिद्ध हैं। आज हम आपको अपनी खबर में बताएंगे कि वृंदावन की स्थापना कब हुई थी और यहां की कुछ रोचक बातें। 

कब हुई थी वृंदावन की स्थापना?

मथुरा और वृंदावन हिंदू संस्कृति और इतिहास से जुड़े एक प्राचीन शहर हैं। इन दोनों शहरों की गिनती यूपी के सबसे धार्मिक शहरों में होती है। वृंदावन की स्थापना 16वीं और 17वीं शताब्दी में की गई थी। मान्यताओं के मुताबिक, चैतन्य महाप्रभु ने 1515 में वृंदावन की खोज की थी। चैतन्य महाप्रभु ने अपने शिष्यों को भी वृंदावन भेजा था और भक्ति का विस्तार करने के लिए कहा था। 

वृंदावन को वृंदा (तुलसी) का वन भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर तुलसी के बहुत ज्यादा पौधे हैं। माना जाता है कि वृंदावन से लौटते समय ब्रज की मिट्टी लाना शुभ होता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, जबकि गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण ने बाललीला की थी। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बड़े होने पर वृंदावन उनकी लीला की भूमि बन गई। 

Alien News: एलियन ने अमेरिकी फाइटर जेट F-16 पर किया था हमला? इस रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
 
वृंदावन में ही भगवान श्रीकृष्ण ने रास रचा और लोगों को प्रेम का पाठ पढ़ाया। वृंदावन में स्थित रंगमहल मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी की पंलग लगाई जाती है। मान्यता है कि राधारानी के श्रृंगार का सामान रखकर मंदिर बंद कर दिया जाता है। जब दरवाजे खोले जाते हैं, तो सभी सामान अस्त व्यस्त मिलते हैं। 

Indian Railways: भारत के पांच खूबसूरत रेलवे स्टेशन, इनके आगे बड़े-बड़े महल भी हो जाएंगे फेल

वृंदावन में प्रेम मंदिर, श्री पर्यावरण बिहारी जी का मंदिर, श्री राधारमण मंदिर, श्री राधा दामोदर मंदिर, राधा श्याम सुंदर मंदिर, गोपीनाथ मंदिर, गोकुलेश मंदिर, श्री कृष्ण बलराम मंदिर, पागलबाबा का मंदिर, रंगनाथ जी का मंदिर, श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर, अक्षय पात्र, और वैष्णो देवी मंदिर जैसे कई मंदिर हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें