UP Weather: साल 2026 में देश के अलग-अलग इलाकों में आंधी-बारिश और ओले पड़ने की घटनाएं हो रही हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश और ओले पड़ने की घटनाएं बहुत ज्यादा हो रही हैं। 2026 के मार्च, अप्रैल और मई महीने में कई जिलों में तेज आंधी, बारिश के साथ ओले पड़े हैं। इसके कारण किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। आम और लीची के बागान को भी नुकसना पहुंचा है। गर्मियों में मानसून आने से पहले प्री- मानसून में आंधी और बारिश और ओले पड़ते हैं। लेकिन इस बार इसकी संख्या ज्यादा और तीव्रता है, जो असामान्य है। आइए जानते हैं ओले पड़े की वैज्ञानिक वजह क्या है?
कैसे और क्यों बनते हैं ओले?
बादलों में ओले बनने की प्रक्रिया होती है। यह क्यूमुलोनिम्बस बादल में बनते हैं। यह बादल घने, शक्तिशाली और बहुत ऊंचे होते हैं। इस बादलों की वजह से ही भयानक तूफानी मौसम, मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कती है और ओले गिरते हैं। यह आमतौर पर गर्म हवा के तेजी से ऊपर उठने के कारण बनते हैं। गर्मी पड़ने की वजह से पानी भाप बनकर ऊपर उठता है और ठंडी हवा से मिलकर पानी की बूंदों में बदल जाता है।