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अनोखी परंपरा : जीवित रहते अगर पूरी नहीं हो सके ख्वाहिश, तो मरने के बाद मठ के ऊपर कार, जीप जैसी आकृतियां बनवाते हैं लोग

Fri, 20 Nov 2020 04:43 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अनोखी परंपरा - फोटो : सोशल मीडिया
आपने कभी ऐसा सुना है कि किसी भी व्यक्ति के मृत्यु हो जाने पर उसकी पसंद की चीज की मूर्ति उसके मठ (जहां उसे दफनाया गया हो) पर बनाई गई हो। अगन नहीं सुना, तो कोई बात नहीं। हमारे देश भारत में ही एक ऐसा आदिवासी समाज है, जहां इस तरह की अनोखी परंपरा चलन में है। यहां किसी व्यक्ति के मौत हो जाने पर अंतिम संस्कार के बाद उस व्यक्ति के मठ पर उसकी पसंद की वस्तु की मूर्ति बनाई जाती है।
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अनोखी परंपरा - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, छत्तीसगढ़ में धमतरी पहुंचेंगे, तो मठों पर बैलगाड़ी, जीप, स्कूटर जैसी कई आकृतियां दिखेंगी। धमतरी के बेलरगांव में गोंड समाज कई साल पुरानी अपनी इस परंपरा और रीति-रिवाज निभा रहे हैं। इस अनोखी परंपरा में मृत व्यक्ति के मठ पर उसकी पसंदीदा वस्तुओं की आकृति बनाई जाती है। हालांकि, ऐसा क्यों किया जा रहा है इसके बारे में कोई कुछ नहीं बता पाता है।
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अनोखी परंपरा - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि चबूतरानुमा मठ के ऊपर मृतक के पसंद की वस्तुओं की आकृति बनाई जाती है। आमतौर पर पुरुष मठ में बैलगाडी, घोड़ा, हाथी, भाला पकड़े दरबान, जीप, कार, मोटरसाइकिल और स्कूटर की आकृति बनाई जाती है।
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अनोखी परंपरा - फोटो : सोशल मीडिया
वहीं महिला मठ में सिर्फ कलश ही बनाने का रिवाज है। अब ये परंपरा दीगर समाजों मे भी शुरू होने लगी है। इसके साथ ही मरने वाले को लोगों को जिस नाम से जाना जाता है, या फिर वे मशहूर रहते हैं, उसी तरह का मठ उस व्यक्ति का बनाया जाता है। इस समुदाय में एक शख्स बहादुर नाम से मशहूर था। इसलिए उनके मरने के बाद उनके मठ पर उनकी गदा पकड़ी हुई मूर्ति बनाई गई है।
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