राजस्थान के इस गांव में जात पात नहीं बल्कि एक शाप के चलते कोई भी दूल्हा घोड़ी नहीं चढ़ पाता। कहते हैं कि अगर दूल्हा घोड़ी चढ़ा तो उसकी मौत हो जाएगी। और भी कई शाप झेल रहा है ये गांव।
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इस गांव पर है अजीबोगरीब शाप, दूल्हा नहीं चढ़ पाता घोड़ी
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राजस्थान के अजमेर जिले में बसे देवमाली गांव में आज भी लोग मिट्टी के घरों में रहते हैं। ऐसा नही है कि गांव के लोगों के पास पैसे कमी हो, लेकिन फिर भी ये लोहे और सीमेंट से बने घरों में नहीं रहते।
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इस गांव पर है अजीबोगरीब शाप, दूल्हा नहीं चढ़ पाता घोड़ी
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- फोटो : getty
इस गांव के लोग आज भी खाना बनाने के लिए रसोई में मिट्टी के चूल्हे का प्रयोग करते हैं। लेकिन ये लोग भूल कर भी कभी भी नीम की लकड़ियां व केरोसिन का इस्तेमाल नहीं करते। ये सब एक शाप के कारण होता है।
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कहते हैं कि पक्का घर एक सप्ताह में ढह जाता है। किरोसीन इस्तेमाल किया तो घर बरबाद हो जाते हैं। नीम की लड़कियां घर जला डालती हैं। कुछ ऐसे ही अनोखे किस्से इस गांव और आस पास के गांवों में मशहूर हैं।
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इस गांव पर है अजीबोगरीब शाप, दूल्हा नहीं चढ़ पाता घोड़ी
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देवमाली गांव में भगवान देवनारायण का एक विशाल मंदिर है जिसके दर्शन करने लोग दूर दूर से यहां पहुंचते हैं। लेकिन इस गांव में कोई अपने घर में ताला तक नहीं लगाता है। इसके बावजूद भी 50 सालों से किसी के घर में चोरी नहीं हुई।
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ऐसा नहीं है कि गांव के लोगों ने कभी पक्के मकान बनाने कि कोशिश नहीं कि लेकिन जिन्होनें भी पक्के मकान बनाने की कोशिश की, उनके मकीन एक सप्ताह के भीतर ही ढह गए। इस गांव की सीमा को पार करते ही पक्के मकान नज़र आते हैं, लेकिन इस गांव के बसने से लेकर अब तक लोग आधुनिकीकरण से दूर ही रहते हैं। इस गांव के लोग मानते हैं कि अगर वह पक्के मकान बनाएंगे तो गांव को आपदा का सामना करना पड़ेगा।