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एक के पैर नहीं तो दूसरे की आंखें नहीं, फिर भी किया ये अनोखा कारनामा

Tue, 30 Jul 2019 01:03 PM IST
प्रशांत राय फीचर डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : social media
कहते हैं कि जब आप कुछ कर गुजरने की ठान लो तो कोई भी चीज मंजिल के आड़े नहीं आती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है दो दोस्तों ने, जिनके जीवन में बड़ी बाधाएं होने के बावजूद उन्होंने पहाड़ की चढ़ाई की। दरअसल मैलनी नेक्ट और ट्रेवर हन नाम के दो लोग हैं जो कि शारीरिक रूप से विकलांग हैं। लेकिन फिर भी इन्होंने पहाड़ की चढ़ाई की। अब दोनों 14000 फीट का पहाड़ चढ़ने की योजना बना रहे हैं। 
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दरअसल मैलनी चल नहीं सकतीं और ट्रेवर देख नहीं सकते। इसके बावजूद भी दोनों कोलोराडो का पहाड़ चढ़ गए। अब दोनों 14000 फीट का पहाड़ चढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। मैलनी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि ट्रेवर के पास पैर हैं और मेरे पास आंखें हैं। यह हमारी सपनों की टीम है। आपको बता दें कि पिछले दिनों ही दोनों दोस्तों ने कोलोराडो के पहाड़ की चढ़ाई की थी । 
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इस पूरी यात्रा में ट्रेवर मैलनी को एक चेयर के सहारे पीठ पर बैठाए रखे। मैलनी ने बताया कि हम दोनों में गजब का तालमेल है। मैं ट्रेवर को सीन डिस्क्राइब करती हूं और वे आगे बढ़ते रहते हैं। मैं जिदंगी भर व्हीलचेयर पर रही। 

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इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस तरह पहाड़ों पर आकर मुझे अच्छा लगता है। यह मेरे जीवन का सबसे बेहतरीन अनुभव है। मैलनी को बचपन से ही स्पाइना बिफिडा (रीढ़ की हड्डी विकसित न हो पाना) नामक बीमारी है। इस वजह से वह व्हीलचेयर के सहारे अपने काम करती हैं। उधर, ट्रेवर के आंखों की रोशनी ग्लूकोमा की वजह से चली गई। 
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अब दोनों साथ-साथ हाइकिंग करते हैं। वे कहते हैं कि हम दो हैं, हमारी दो आखें हैं और दो पैर हैं। दोनों की मुलाकात एडेप्टिव एक्सरसाइज क्लासेस में हुई थी। इसके बाद दोनों ने ट्रैकिंग साथ करने का फैसला किया। ट्रेवर का कहना है कार से पहाड़ों पर जाकर आपको वो सुख नहीं मिलता जो आप वहां पैदल जाकर अनुभव करते हैं
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