फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति ने बनवाई कुत्ते की विशालकाय सोने की मूर्ति, वजह है बेहद खास

Tue, 17 Nov 2020 10:01 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कुत्ते की मूर्ति - फोटो : सोशल मीडिया
सड़क के चौराहों या पार्क में आप सभी ने नेताओं की मूर्ति तो खूब देखी होगी, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि आप किसी सड़क पर चल रहे हों और चौराहे पर किसी जानवर की मूर्ति आपको लगी दिखे। भले ही आपको ये बात थोड़ी अजीब लग रही हो, लेकिन तुर्कमेनिस्तान के शासक ने अपने पसंदीदा कुत्ते की 'सोने' की मूर्ति बनवाई है।
विज्ञापन

2 of 5
तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
तुर्कमेनिस्तान की सत्ता पर काबिज गुरबांगुली बेर्दयमुखमेदोव ने यह मूर्ति राजधानी अश्गाबात के नए इलाके में बनवाई है। साल 2007 से राज कर रहे गुरबांगुली बेर्दयमुखमेदोव ने पिछले साल इस कुत्ते की विशाल मूर्ति का अनावरण किया। बता दें कि बेर्दयमुखमेदोव अलबी प्रजाति के कुत्ते को काफी पसंद करते हैं। कुत्ते की यह प्रजाति देश में ही पैदा होती है और इसे तुर्कमेनिस्तान की राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा माना जाता है।
विज्ञापन

3 of 5
कुत्ते की मूर्ति - फोटो : सोशल मीडिया
इस कुत्ते की 50 फुट ऊंची मूर्ति पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई है। कुत्ते की यह मूर्ति अश्गाबात के जिस इलाके में बनाई गई है, वह सरकारी अधिकारियों के रहने के लिए बनाया गया है। इस इलाके में मार्बल से बनी कई इमारतें, स्कूल, खेल मैदान, सिनेमा हॉल, पार्क और दुकानें हैं।

4 of 5
कुत्ते की मूर्ति - फोटो : सोशल मीडिया
इतना ही नहीं गुरबांगुली बेर्दयमुखमेदोव ने कुत्ते की इस प्रजाति को समर्पित करके कई किताबें और कविताएं लिखी हैं। इस कुत्ते को वो उपलब्धि और विजय का प्रतीक मानते हैं। बेर्दयमुखमेदोव ने तो एक बार इस प्रजाति के कुत्ते को रूस के राष्ट्रपति को गिफ्ट के रूप में दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कुत्ते की मूर्ति - फोटो : सोशल मीडिया
एक ओर तुर्केमेनिस्तान के शासक ने कुत्ते की मूर्ति बनवाने के लिए इतना सारा पैसा खर्च कर दिया, तो वहीं दूसरी ओर देश की जनता गरीबी में जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर है। भले ही देश की अर्थव्यवस्था तेल और प्राकृतिक गैस की वजह से तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसका फायदा सिर्फ अमीरों को हो रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें