मरगमच्छ अगर आपके सामने अचानक आ जाए तो आपकी जान हलक में आ जाएगी। लेकिन एक ऐसी भी जगह है जहां लोग एक मगरमच्छ के दर्शन करने दूर दूर से आते हैं। इस मगरमच्छ की खास बात यह है कि यह पूरी तरह से शाकाहारी है और सिर्फ प्रसाद ही खाता है।
विज्ञापन
रहस्यमयी मंदिर में सिर्फ प्रसाद खाता है ये शाकाहारी मगरमच्छ
2 of 5
केरल का अनंतपुर मंदिर ‘बबिआ’ नाम के मगरमच्छ की वजह से जाना जाता है। ये मगरमच्छ अनंतपुर मंदिर की झील में करीब 60 सालों से रह रहा है। भगवान की पूजा के बाद भक्तों द्वारा चढ़ाया गया प्रसाद बबिआ को खिलाया जाता है।
विज्ञापन
रहस्यमयी मंदिर में सिर्फ प्रसाद खाता है ये शाकाहारी मगरमच्छ
3 of 5
मंदिर में प्रसाद खिलाने की अनुमति सिर्फ मंदिर के पुजारियों को ही है। ये नीचे रखा हुआ प्रसाद नहीं खाता, बल्कि प्रसाद इसके मुंह में डालकर खिलाया जाता है।
रहस्यमयी मंदिर में सिर्फ प्रसाद खाता है ये शाकाहारी मगरमच्छ
4 of 5
इस मंदिर में यह मान्यता है कि जब इस झील में एक मगरमच्छ की मृत्यु होती है तो रहस्यमयी ढंग से दूसरा मगरमच्छ प्रकट हो जाता है।
रहस्यमयी मंदिर में सिर्फ प्रसाद खाता है ये शाकाहारी मगरमच्छ
5 of 5
इस मगरमच्छ के बारे में एक कहानी भी मशहूर है कि 1945 में एक अंग्रेज सिपाही ने तालाब में मगरमच्छ को गोरी मारकर मार दी थी और लेकिन अगले ही दिन वही मगरमच्छ झील में तैरता मिला। वहीं उस अंग्रेज सिपाही की सांप के काट लेने से मौत हो गई। माना जाता है कि अगर आप भाग्यशाली हैं तो आज भी आपको इस मगरमच्छ के दर्शन हो जाते हैं।